डिजिटल पहचान से सशक्त होंगे किसान, पीएम किसान सम्मान निधि हेतु फार्मर आईडी अनिवार्य : उपायुक्त
डिजिटल एग्री स्टैक अभियान मिशन मोड में, शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश
झज्जर, 12 फरवरी। उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने डिजिटल एग्री स्टैक फार्मर आईडी अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस महत्वाकांक्षी पहल को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ तेजी से पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भविष्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सहित सभी कृषि योजनाओं का लाभ फार्मर आईडी के माध्यम से ही सुनिश्चित किया जाएगा, इसलिए कोई भी पात्र किसान इस प्रक्रिया से वंचित न रहे।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा अभियान को मिशन मोड में संचालित किया जा रहा है और सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक किसान की फार्मर आईडी भविष्य की कृषि व्यवस्था की मजबूत डिजिटल पहचान बनेगी। इसी आईडी के आधार पर किसानों को सब्सिडी, सरकारी योजनाओं, अनुदानों, फसल बीमा, ऋण सुविधाओं सहित विभिन्न सेवाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मिल सकेगा। बिना फार्मर आईडी के किसान इन लाभों से वंचित हो सकते हैं, इसलिए अधिकारी सुनिश्चित करें कि एक भी पात्र किसान छूटने न पाए।
उपायुक्त पाटिल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में केंद्र सरकार की एक ऐतिहासिक पहल है, जिसके तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की वित्तीय सहायता किसान सम्मान निधि के रूप में सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि फार्मर आईडी बनने से लाभार्थियों की पहचान अधिक सटीक होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और योजना का लाभ वास्तविक किसानों तक बिना किसी बाधा के पहुंचेगा।
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में अब तक कुल 55 हजार 248 किसानों की डिजिटल एग्री स्टैक फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है। ब्लॉकवार प्रगति के अनुसार बादली में छ: हजार 364, बहादुरगढ़ में 12 हजार 764, बेरी में नौ हजार 726, झज्जर में 12 हजार 733, मातनहेल में नौ हजार 387 तथा सालावास में चार हजार 274 किसानों की आईडी तैयार की जा चुकी है।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव-गांव विशेष कैंप आयोजित कर किसानों को फार्मर आईडी के महत्व के बारे में जागरूक किया जाए और मौके पर ही आईडी जनरेट की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी या दस्तावेज संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि अभियान की गति प्रभावित न हो और अधिक से अधिक किसानों को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके।
डिजिटल पहचान से सशक्त होंगे किसान, पीएम किसान सम्मान निधि हेतु फार्मर आईडी अनिवार्य : उपायुक्त
By Sonika Singh
Published On: February 12, 2026

