सिरसा। दुर्घटना का शिकार हुए कर्मचारियों को शहीद का दर्जा, करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग को लेकर अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों का अग्निशमन कार्यालय, सिरसा में संघर्ष जारी है। तीसरे दिन की अध्यक्षता ऐलनाबाद से प्रधान रणवीर फगोडिया ने की। हड़ताल में कालांवाली ब्लॉक के सभी कर्मचारियों के साथ-साथ अन्य ब्लॉकों से भी कर्मचारियों ने भागीदारी की।
इस मौके पर रणवीर फगोडिया ने कहा कि जिले में लगातार आगजनी की घटनाएं हो रही है, लेकिन सरकार समय की नजाकत को देखते हुए कर्मचारियों की मांग को पूरा करने की बजाय हठधर्मिता पर अड़ी हुई है। आगजनी की घटनाओं पर अंकुश के लिए प्रशासन की ओर से अन्य विभागों के चालकों को मौके पर भेजा जा रहा है, जोकि जोखिमभरा हो सकता है। क्योंकि अन्य चालकों को आग बुझाने संबंधी प्रबंधों की पूरी जानकारी नहीं है।
जिला प्रधान राजेश खिचड़ ने कहा कि वीरवार को यूनियन के प्रतिनिधिमंडल की सरकार से वार्ता हुई, जोकि विफल रही। अब 11 अप्रैल को रोहतक में यूनियन की मीटिंग होगी, जिसमें आगामी रणनीति का फैसला लिया जाएगा।
खिचड़ ने कहा कि कर्मचारी वेतन सुधार, स्थायी नियुक्ति, बेहतर सुविधाएं और फरीदाबाद अग्निकांड में शहीद हुए साथियों को शहीद का दर्जा देने समेत अन्य मांग कर रहे हैं। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि 16 फरवरी 2026 को फरीदाबाद के मुजेसर इलाके में हुए भयानक अग्निकांड और विस्फोट में दो दमकल कर्मी शहीद हो गए थे। इसके बावजूद शहीद कर्मियों के परिवारों को उचित मुआवजा नहीं दिया गया। पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए। सरकार के लचर निर्णय के खिलाफ कर्मचारियों में गहरा रोष है। उन्होंने किसानों से भी अपील की कि हड़ताल करना कर्मचारियों की मजबूरी है।
कर्मचारियों में भी बहुत से किसान के बेटे हैं। किसानों की हालत को देखकर हमारा मन भी बड़ा व्यथित है। इस मौके पर स्टेट कमेटी से राजेंद्र थिंद, एसकेएस से मदनलाल खोथ, बिजली निगम से सुरजीत सिंह बेदी, एसकेएस से रमेश सेनी, अजय पासी, ललित सोलंकी, सिरसा ब्लॉक प्रधान बलवंत सहारण, अशोक मेहला, कारण सिंह मुख्य अग्नि शामक, बूटर बादशाह, केडी बैनीवाल, कुलदीप सिंह, ऐलनाबाद से सुरेन्द्र खिचड़, कुलदीप सिंह कंबोज, कृष्ण मीणा, कुलदीप राठौड़ सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।












