Delhi-Dehradun Expressway: दिल्ली से देहरादून के बीच सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। बहुप्रतीक्षित Delhi-Dehradun Expressway को आम जनता के लिए खोले जाने को लेकर नई अपडेट सामने आई है।
इस एक्सप्रेसवे के चालू होते ही दिल्ली से देहरादून तक का सफर घटकर मात्र 2.5 घंटे रह जाएगा। अभी वाहनों को दिल्ली से देहरादून पहुंचने में करीब 6 घंटे का समय लगता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Delhi-Dehradun Expressway पर फरवरी से गाड़ियों की आवाजाही शुरू होने की तैयारी की जा रही है। NHAI के अधिकारियों के अनुसार एक्सप्रेसवे का ज्यादातर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और बचे हिस्से पर काम तेजी से किया जा रहा है। इसके शुरू होते ही दिल्ली से देहरादून की दूरी और समय दोनों में बड़ी कटौती होगी।
क्या है Delhi-Dehradun Expressway?
Delhi-Dehradun Expressway एक एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है, जिसे NHAI की ओर से डेवलप किया जा रहा है। इसकी कुल लंबाई करीब 210 किलोमीटर है। Delhi-Dehradun Expressway दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को सीधे जोड़ता है। इस एक्सप्रेसवे का रूट दिल्ली से शुरू होकर बागपत, शामली, सहारनपुर और हरिद्वार होते हुए देहरादून तक जाता है। रास्ते में कई एलिवेटेड सेक्शन, फ्लाईओवर और आधुनिक इंटरचेंज बनाए गए हैं।
क्या-क्या शुरू होगा?
सूत्रों के मुताबिक, फरवरी से एक्सप्रेसवे के तैयार हिस्सों पर ऑपरेशन शुरू किया जा सकता है।
अधिकारियों का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि सुरक्षा मानकों, साइनेज और टोल सिस्टम को पूरी तरह तैयार किया जाए।
आधुनिक सुविधा
Delhi-Dehradun Expressway को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है। इसमें शामिल हैं-
120 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड
आधुनिक टोल प्लाजा और फास्टैग सिस्टम
इमरजेंसी लेन और क्रैश बैरियर
जगह-जगह अंडरपास और ओवरब्रिज
पर्यावरण संरक्षण के लिए विशेष एलिवेटेड कॉरिडोर
देहरादून के पास राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एलिवेटेड रोड बनाई गई है, ताकि जानवरों की आवाजाही बाधित न हो।
किन लोगों को होगा फायदा?
दिल्ली-NCR से देहरादून आने-जाने वाले नौकरीपेशा लोग
उत्तराखंड घूमने जाने वाले पर्यटक
व्यापारियों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर
हरिद्वार, रुड़की और सहारनपुर जैसे शहरों के निवासी
Delhi-Dehradun Expressway के चालू होने से न सिर्फ सफर आसान होगा, बल्कि ईंधन की बचत और प्रदूषण में कमी भी आएगी।














