सिरसा। दुर्घटना का शिकार हुए कर्मचारियों को शहीद का दर्जा, करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग को लेकर अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी विभाग के कार्यालय में हड़ताल जारी रखी।
सिरसा जिलेभर से कर्मचारियों ने इस हड़ताल में शिरकत की। हड़ताल की अध्यक्षता जिला प्रधान राजेश खिचड़ ने की। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि लंबे समय से उनकी जायज मांगों को सरकार नजरअंदाज कर रही है। कर्मचारी वेतन सुधार, स्थायी नियुक्ति, बेहतर सुविधाएं और फरीदाबाद अग्निकांड में शहीद हुए साथियों को शहीद का दर्जा देने समेत अन्य मांग कर रहे हैं। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि 16 फरवरी को फरीदाबाद के मुजेसर इलाके में हुए भयानक अग्निकांड और विस्फोट में दो दमकल कर्मी शहीद हो गए थे।
इसके बावजूद शहीद कर्मियों के परिवारों को उचित मुआवजा नहीं दिया गया। पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए, इसके खिलाफ कर्मचारियों में गहरा रोष है। यूनियन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 9 अप्रैल तक मांगें पूरी नहीं की गईं, तो यह दो दिवसीय हड़ताल अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दी जाएगी। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि वे अपनी जान जोखिम में डालकर जनता की सेवा करते हैं, लेकिन सरकार उनसे सौतेला व्यवहार कर रही है। अब धैर्य की सीमा समाप्त हो चुकी है, न्याय नहीं तो काम नहीं।
हड़ताल के दौरान फायर ब्रिगेड सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित रही। आपातकालीन स्थितियों में आग या दुर्घटना होने पर आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस मौके पर ऐलनाबाद से ब्लॉक प्रधान रणबीर फगोडिया, सुरेन्द्र खिचड़, कुलदीप राठौड़, अमित जांगड़ा, डबवाली के प्रधान मनोज कुमार, राकेश, गगन दीप, कालांवाली ब्लॉक से हैप्पी सिंह सचिव, रानियां ब्लॉक से ऋषि सिहाग, अमित कुमार, सिरसा से बलराम जांदू, प्रहलाद ढाका, बलवीर बूटर, कुलदीप झोरड़, गोविंद कंबोज, एसकेएस के प्रधान, अशोक पटवारी, महेंद्र शर्मा, बिजली निगम से राज्य प्रधान बाबूलाल, ब्लॉक प्रधान एसकेएस ललित सोलंकी व अजय पासी सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे ।














