Haryana: अब सब्जियां बेचने के लिए बाजार जाने की नहीं जरूरत, अब सरकार देगी सही दाम, जाने नई योजना ?

Published On: February 27, 2026
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Haryana: हरियाणा में किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। भावान्तर भरपाई योजना बागवानी उत्पादकों यानी सब्जी उगाने वाले किसानों को उनकी मेहनत का सही दाम दिलाने के लिए शुरू की गई एक नई सरकारी योजना है, ताकि किसानों को ज्यादा फायदा मिल सके। किसान अपनी फसल को बाजार में बेचते हैं, लेकिन वहां उन्हें बहुत कम दाम मिलते हैं,जिससे वे घाटे में चले जाते हैं।

इसलिए सरकार ने भावान्तर भरपाई योजना शुरू की। ताकि जब बाजार में फसलों के दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम हों, तो किसानों को उस अंतर की भरपाई की जा सके। Haryana News

क्या है योजना

यह योजना हरियाणा सरकार की एक खास पहल है। जिसमें बागबानी उत्पादकों को अपनी उपज के लिए बाजार में कम कीमत मिलने पर मुआवजा दिया जाता है। यह सहायता बाजार से प्रभावित बागबानी उत्पादकों को आर्थिक स्थिरता देती है। जिससे किसान को फसल में विविधता के लिए बढ़ावा मिलता है। योजना के तहत 21 फसलों के लिए मुआवजा दिया जाएगा। Haryana News

उद्देश्य

भावान्तर भरपाई योजना हरियाणा सरकार के बागवानी विभाग द्वारा लागू की गई है। इस योजना का उद्देश्य बागवानी करने वाले किसानों को बाजार में फसल के दामों में उतार-चढ़ाव से बचाना है। अगर किसानों को अपनी उपज के लिए बाजार में कम दाम मिलते हैं, तो सरकार उन्हें नुकसान की भरपाई करती है।

किसानों को बाजार में सब्जियों और फलों के कम दाम मिलने पर आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए सुरक्षित मूल्य सुनिश्चित करना। Haryana News

बागवानी करने वाले किसानों को समर्थन देकर कृषि में विविधता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना।

इस योजना में शामिल फसलें

भरपाई योजना में 21 फसलें शामिल फसलें हैं।

भिंडी, मिर्च, लौकी, करेला, पत्ता गोभी, मूली, टमाटर, प्याज, आलू, फूलगोभी, गाजर, मटर, शिमला मिर्च, बैंगन, हल्दी, लहसुन, आम, किन्नू, अमरूद, लीची, आलूबुखारा Haryana News

योजना के लाभ

सब्जी उगाने वाले किसानों को आर्थिक जोखिम से मुक्त करना

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योजना में शामिल फसलों के लिए सुरक्षित मूल्य तय करना

यदि किसानों ने फलों या सब्जियों को तय समय में बाजार में कम दाम पर बेचा, तब इस स्थिति में सुरक्षित मूल्य और बाजार मूल्य के बीच का अंतर सरकार द्वारा पंजीकृत किसानों को भरा जाएगा Haryana News

नोट: भुगतान की राशि सीधे किसान के आधार कार्ड से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाएगी।

पात्रता

आवेदक हरियाणा में जमीन का मालिक, पट्टेदार या किरायेदार किसान होना चाहिए

आवेदक योजना में शामिल 21 फसलों में से किसी एक की खेती करता हो Haryana News

नोट 1: बुआई के समय मेरी फसल, मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है।

नोट 2: जमीन और फसल की जानकारी बागवानी विभाग द्वारा प्रमाणित होनी चाहिए।

आवेदन प्रक्रिया

Step 1: किसान को बुआई के समय मेरी फसल, मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। योजना का लाभ लेने के लिए यह अनिवार्य है। Haryana News

Step 2: होमपेज पर “किसान पंजीकरण” लिंक पर क्लिक करें।

Step 3: दिशानिर्देश पढ़ें और “पंजीकरण के लिए आगे बढ़ें” पर क्लिक करें।

Step 4: सभी आवश्यक विवरण सही-सही भरकर फॉर्म पूरा करें।

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Step 5: विवरण सत्यापित करने के बाद “पंजीकरण के लिए सबमिट करें” पर क्लिक करें। सफल पंजीकरण के बाद किसान को पोर्टल में लॉगिन के लिए यूजरनेम और पासवर्ड मिलेगा। Haryana News

उत्पादक के लिए पंजीकरण नि:शुल्क है।

पंजीकरण केवल निर्धारित अवधि में ही खुलेगा।

पंजीकरण सुविधा सर्व सेवा केंद्र, ई-दिशा केंद्र, मार्केटिंग बोर्ड, बागवानी विभाग, कृषि विभाग और इंटरनेट कियोस्क पर उपलब्ध होगी। Haryana News

जांचना

ई-खरीद पोर्टल में लॉगिन करें: ई-खरीद लॉगिन पेज पर जाएं, अपना यूजरनेम, पासवर्ड और कैप्चा कोड दर्ज करें।

डैशबोर्ड तक पहुंचें: लॉगिन करने के बाद किसान अपने दावे यानी क्लेम कर सकते हैं और आवेदन या शिकायत की स्थिति देख सकते हैं।

J-फॉर्म – बिक्री वाउचर

योजना के तहत प्रोत्साहन पाने के लिए

प्रोत्साहन पाने के लिए जे-फार्म पर बिक्री करना जरूरी होगा।

जे-फार्म पर बिक्री होने के बाद बिक्री का विवरण BBY ई-पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसकी सुविधा हर संबंधित मार्केट कमेटी के कार्यालय में उपलब्ध होगी। Haryana News

बिक्री के समय अगर फसल का थोक मूल्य संरक्षित मूल्य से कम होता है, तो किसान भाव के अंतर की भरपाई पाने के योग्य होगा।

जे-फार्म पर की गई बिक्री और प्रति एकड़ निर्धारित उत्पादन में से जो भी कम होगा, उसी के अनुसार प्रोत्साहन दिया जाएगा।

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भाव के अंतर को गुणा करके प्रोत्साहन राशि तय की जाएगी। Haryana News

औसत दैनिक थोक मूल्य मंडी बोर्ड द्वारा चुनी गई मंडियों के दैनिक भाव के आधार पर योजना के मानक और दिशा निर्देशों के अनुसार तय किया जाएगा।

जरूरी कागज

पहचान प्रमाण पत्र जैसे आधार कार्ड

जमीन का मालिकाना प्रमाण या पट्टे का कागज (किरायेदार किसानों के लिए) Haryana News

मेरी फसल, मेरा ब्यौरा पोर्टल का पंजीकरण प्रमाण

उपज की बिक्री के लिए जे-फार्म

आधार से जुड़ा बैंक खाता विवरण Haryana News

यदि आवश्यक हो तो अन्य कोई कागज

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