हरियाणा के सिरसा और फतेहाबाद के ग्रामीण खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लहराया परचम 

Published On: June 3, 2026
Follow Us

सिरसा: हरियाणा के सिरसा और फतेहाबाद जिले, जो अब तक कृषि और राजनीतिक प्रभाव के लिए जाने जाते रहे हैं, अब खेलों के क्षेत्र में भी लगातार अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं। हाल ही में दो ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले खिलाड़ियों ने राज्य और देश का नाम रोशन किया है।

सिरसा जिले के नहराना गांव के पैरा-एथलीट प्रमोद बिजारणिया ने बेंगलुरु में आयोजित 8वीं राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की। वहीं फतेहाबाद जिले की बोस्ती गांव की हाई जम्पर पूजा ने हांगकांग में आयोजित 22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतते हुए 14 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।

संघर्ष से सफलता तक प्रमोद की कहानी

प्रमोद बिजारणिया की कहानी संघर्ष और हिम्मत की मिसाल है। खेतों में परिवार की मदद करते समय फोरेज काटने वाली मशीन से एक हादसे में उन्होंने अपना एक हाथ खो दिया था। इस घटना ने उनके परिवार को झकझोर दिया, लेकिन प्रमोद ने हार नहीं मानी। उन्होंने पढ़ाई जारी रखी, स्कूल और कॉलेज की शिक्षा पूरी की और फिर खेलों को अपना जीवन बदलने का जरिया बनाया।

राजनीति नहीं, रिसर्च और राजनीतिक इतिहास पर करूंगा काम: दीपकमल सहारण

उन्होंने शुरुआती प्रशिक्षण सिरसा के शहीद भगत सिंह स्टेडियम में लिया। वर्ष 2021 में उन्होंने 800 मीटर दौड़ में स्वर्ण और 1500 मीटर में कांस्य पदक जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। इसके बाद 2023 के हांगझोउ पैरा एशियन गेम्स में उन्होंने 1500 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया। अब बेंगलुरु में मिली यह स्वर्ण जीत उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि है। प्रमोद ने कहा, “अगर व्यक्ति मेहनत करता रहे और हिम्मत न खोए तो कुछ भी असंभव नहीं है।” उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार, कोच और फेडरेशन को दिया।

पूजा ने एशियन स्तर पर रचा इतिहास

फतेहाबाद की पूजा, जो एक राजमिस्त्री और गृहिणी की बेटी हैं, ने भी बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आकर असाधारण सफलता हासिल की है। उन्होंने एशियन अंडर-20 चैंपियनशिप में 1.93 मीटर की ऊंची कूद लगाकर स्वर्ण पदक जीता और 2012 में सविता कुमारी द्वारा बनाए गए 1.92 मीटर के पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ दिया। पूजा ने चीन की मा‍इकी चेन को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया। हालांकि वह 1.95 मीटर के चैंपियनशिप रिकॉर्ड से सिर्फ 2 सेंटीमीटर पीछे रह गईं। उनके कोच बलवान के अनुसार, पूजा ने 1999 के चैंपियनशिप रिकॉर्ड को तोड़ने से भी सिर्फ 2 सेंटीमीटर की दूरी पर प्रदर्शन किया।

पूजा ने 10 साल की उम्र से कोच बलवान के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण शुरू किया था। संसाधनों की कमी के बावजूद उन्होंने घास, फसल अवशेष और थर्मोकोल से बने अस्थायी गड्ढों में अभ्यास किया। 2022 में उन्होंने अंडर-16 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था।

GST कलेक्शन में हरियाणा का जलवा, बना देश का नंबर-1 राज्य

भविष्य की तैयारी

अब पूजा राष्ट्रीय कैंप में बेंगलुरु में प्रशिक्षण ले रही हैं और उनका लक्ष्य आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बड़े पदक जीतना है। सिरसा के प्रमोद और फतेहाबाद की पूजा की ये उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प से बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।

145 करोड़ के नगर निगम घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, पूर्व बैंक अधिकारी गिरफ्तार

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment