हरियाली के मामले मेें यमुनानगर बना नंबर 1, 60 लाख से अधिक पेड़ों का बना डाला रिकॉर्ड

Published On: June 4, 2026
Follow Us

यमुनानगर: विश्व पर्यावरण के दिवस पर हरियाणा का यमुनानगर हरियाली के मामले में सबसे आगे रहा। वन विभाग की ओर से पेड़ों की डिजिटल गणना में जंगलों से बाहर यमुनानगर में 60.94 लाख पेड़ दर्ज किए गए, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक हैं।

हरियाणा के कुल पेड़ों में हर 7वां पेड़ यमुनानगर जिले से

यमुनानगर की डॉ. निधि महेंद्रू को मिली राष्ट्रीय स्तर की बड़ी जिम्मेदारी 

हरियाणा के 4.01 करोड़ पेड़ों में 14.86 प्रतिशत पेड़ अकेले यमुनानगर में हैं, यानी प्रदेश के कुल पेडों में हर सातवां पेड़ यमुनानगर जिले का है। वन क्षेत्र मामले में भी जिला दूसरे स्थान पर है। हालांकि बढ़ता प्रदूषण, गिरता भूजल, अवैध खनन व वनों पर बढ़ती तस्करी भविष्य की चुनौतियां खड़ी कर रहे हैं। लेकिन इस बीच भी कलेसर नेशनल पार्क, वन्यजीव अभयारण्य व किसानों की कृषि वानिकी यमुनानगर को हरियाणा की हरित पहचान बना रहे हैं।

हरियाणा में जंगलों से बाहर 4.01 करोड़ पेड़

हरियाणा में बीजेपी संगठन को नई मजबूती, सतिश पूनिया को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने पर चर्चा तेज

वन विभाग की ओर से करायी गई डिजिटल वृक्ष गणना के अनुसार प्रदेश में जंगलों से बाहर 4.01 करोड़ पेड़ हैं। इनमें सबसे अधिक 60 लाख 94 हजार 153 पेड़ यमुनानगर में दर्ज किए गए हैं। इसके बाद अंबाला में 34,08,972, सिरसा में 33,18,033 और फरीदाबाद में 5,72,416 पेड़ हैं।

वहीं  कुरुक्षेत्र, पलवल और गुरुग्राम का स्थान है। पेड़ों की संख्या में यमुनानगर के आगे रहने की उपलब्धि के पीछे 25 हजार एकड़ में फैला कलेसर नेशनल पार्क व वन्यजीव अभयारण्य बड़ी वजह हैं। शिवालिक की तलहटी स्थित यह क्षेत्र हरियाणा की सबसे समृद्ध जैव विविधता वाला वन क्षेत्र है।

भ्रष्टाचार पर हरियाणा ACB का कड़ा एक्शन, CM से रिश्वतखोरों को दूर भेजने की सिफारिश

दूसरी ओर किसानों ने निजी भूमि पर पापलर, सफेदा व शीशम के बड़े स्तर पर रोपण कर कृषि वानिकी को नई ऊंचाई दी है। यही कारण है कि यमुनानगर को देश की प्लाईवुड राजधानी के रूप में पहचान मिली। किसान संघ के महामंत्री रामबीर चौहान का कहना है कि किसानों की भागीदारी के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं थी।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment