Haryana Weather: हरियाणा में भीषण गर्मी के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के सभी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार पंजाब के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पहाड़ों की ओर बढ़ रहे पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बुधवार रात से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 11 से 13 जून तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कई क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने के साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
इन जिलों में बारिश का ज्यादा असर
मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी और मध्य हरियाणा के जिलों अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, जींद और पंचकूला में बारिश का प्रभाव सबसे अधिक रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों के 50 से 75 प्रतिशत हिस्सों में अच्छी वर्षा दर्ज की जा सकती है।
वहीं पश्चिमी और दक्षिणी हरियाणा के सिरसा, हिसार, भिवानी, गुरुग्राम और महेंद्रगढ़ जिलों में धूलभरी आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।
80 किमी प्रति घंटा तक चल सकती हैं हवाएं
मौसम विभाग ने तेज आंधी-तूफान को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार सामान्य रूप से 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ स्थानों पर हवा की गति अचानक बढ़कर 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा और कहीं-कहीं 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़ने, बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
एचएयू ने जताई अच्छी बारिश की संभावना
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) के कृषि मौसम विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि प्रदेश में 14 जून तक मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा। इस दौरान आंशिक बादल छाए रहने और हवाओं की दिशा में बदलाव देखने को मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि 11 जून को पश्चिमी विक्षोभ के पहाड़ी क्षेत्रों की ओर बढ़ने तथा पंजाब के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से 11 जून की रात से 13 जून तक हरियाणा के अधिकांश क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने, गरज-चमक होने और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज होने के आसार हैं।
जून में तीसरा पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जून माह के पहले 11 दिनों में यह तीसरा पश्चिमी विक्षोभ है, जिसका असर उत्तर भारत के मौसम पर पड़ रहा है। लगातार सक्रिय हो रहे मौसम तंत्र के कारण आने वाले दिनों में गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि तेज हवाओं और आंधी के चलते सतर्क रहने की आवश्यकता होगी।









