सिरसा जिले में महिलाओं एवं छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। एसपी दीपक सहारन ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी थाना प्रभारी को निर्देश दिए हैं कि राह चलती महिलाओं पर अभद्र टिप्पणियां करने वाले तथा स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटरों के बाहर आवारागर्दी करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक ने बताया कि महिला थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि शहर के बाजारों, शिक्षण संस्थानों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए। पुलिस को मिली शिकायतों के अनुसार कुछ युवक सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं और फब्तियां कसते हैं, जिससे आमजन, विशेषकर छात्राओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
पुलिस ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए महिला थाना पुलिस, दुर्गा शक्ति टीम, डायल 112, पीसीआर यूनिट, मोटरसाइकिल राइडर और पैदल गश्त करने वाले पुलिसकर्मियों को सक्रिय कर दिया है। सभी को निर्देश दिए गए हैं कि जिन क्षेत्रों में महिलाओं की आवाजाही अधिक रहती है,
वहां विशेष गश्त बढ़ाई जाए। इसके साथ ही स्कूल और कॉलेज के खुलने व बंद होने के समय विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि पार्कों, बाजारों और कोचिंग सेंटरों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए। शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की नियमित जांच भी की जाएगी ताकि असामाजिक तत्वों की पहचान कर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
इसके अलावा पुलिस अधिकारी स्कूलों और कॉलेजों में जाकर छात्राओं को महिला सुरक्षा, हेल्पलाइन नंबर और डायल 112 सेवा के बारे में जागरूक करेंगे।जिला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी महिलाओं और छात्राओं से अपील की गई है कि यदि वे कहीं भी असुरक्षित महसूस करें तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें, ताकि समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके ।













