रोहतक, 29 अप्रैल : उपायुक्त सचिन गुप्ता ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे नागरिकों को विभाग की योजनाओं के बारे में जागरूक करें ताकि ज्यादा से ज्यादा नागरिक इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आमदनी बढ़ा सकें। विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है तथा मिनी डेयरी स्थापित करने पर अनुदान भी दिया जा रहा है।
सचिन गुप्ता स्थानीय कैंप कार्यालय में पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारियों के साथ विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा गंभीर रूप से बीमार पशुओं के इलाज के लिए आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सेवा सुनिश्चित करने के लिए एंबुलेंस सेवा डायल 1962 संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा एंबुलेंस सेवा को सुदृढ़ किया जाये ताकि पशुपालक इस सेवा का लाभ उठा सकें। वर्तमान में विभाग के पास तीन पशु एंबुलेंस उपलब्ध है। जिला में 65 पशु अस्पताल व 46 डिस्पेंसरी, एक पॉलिक्लीनिक है।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए देशी नस्लों के संरक्षण एवं विकास तथा मुर्रा विकास योजना के अतर्गत पशुपालकों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। इसके तहत गाय एवं भैंस के लिए दूध रिकॉर्डिंग कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत भैंस के लिए 18 से 22 किलोग्राम दूध उत्पादन पर 20 हजार रुपये, 22 से 25 किलोग्राम दूध उत्पादन पर 30 हजार रुपये तथा 25 किलोग्राम से अधिक दूध उत्पादन के लिए 40 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
सचिन गुप्ता ने कहा कि विभाग द्वारा देशी गाय व साहिवाल गायों को बढ़ावा देने के लिए ही प्रोत्साहन राशि दी जाती है। उन्होंने कहा कि देशी गायों के लिए 8 से 10 किलोग्राम दूध उत्पादन पर 15 हजार रुपये, 10 से 12 किलोग्राम दूध उत्पादन पर 20 हजार रुपये तथा 12 किलोग्राम से अधिक दूध उत्पादन पर 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। इसी प्रकार साहिवाल गायों के लिए 10 से 12 किलोग्राम दूध उत्पादन पर 15 हजार रुपये, 12 से 15 किलोग्राम उत्पादन पर 20 हजार रुपये तथा 15 किलोग्राम से अधिक दूध उत्पादन पर 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे सभी पंजीकृत एवं अपंजीकृत गौशालाओं से प्रतिमाह रोग निदान के लिए सैंपल एकत्रित करें। विभिन्न गांवों की बड़ी डेयरियों से भी प्रतिमाह रोग निदान के लिए रेंडम सैंपल लिये जाये ताकि पशुओं की बीमारी का समय रहते पता लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि अधिकारी वर्तमान ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए पशुपालकों को जागरूक करने के लिए विस्तार गतिविधियां संचालित करें तथा उन्हें अपने पशुओं को गर्मी से बचाव के लिए आवश्यक निवारक उपायों की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा निर्धारित विभिन्न टीकाकरण कार्यक्रमों का समय पर क्रियान्वयन किया जाये।
बैठक में पुलिस उपाधीक्षक गुलाब सिंह, मंडल मृदा संरक्षण अधिकारी डॉ. नीना सहवाग, कृषि उप निदेशक डॉ. सुरेंद्र मलिक, सिंचाइ विभाग के कार्यकारी अभियंता अरूण मुंजाल, जिला मत्स्य अधिकारी आशा हुड्डïा, जिला उद्यान अधिकारी डॉ. मदनलाल, पशुपालन विभाग के एसडीओ डॉ. नरेंद्र दहिया, एसडीएओ संदीप सिंह के अलावा अनिल अहलावत, विकास कुमार, डॉ. रूपेंद्र, दीपक सिंह, सोमवीर, दिलबाग सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।









