चंडीगढ़: हरियाणा में मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए चुनाव आयोग ने Special Intensive Revision (SIR) शुरू करने का फैसला किया है। यह राज्य में करीब 24 साल बाद होने वाला सबसे बड़ा और व्यापक मतदाता सत्यापन अभियान है। इस कदम का उद्देश्य वोटर डेटा में मौजूद गड़बड़ियों, डुप्लीकेट नामों और अधूरी जानकारी को ठीक करना है।
अभियान कब और कैसे चलेगा?
यह राज्यव्यापी अभियान 15 जून से 14 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान Booth Level Officers (BLOs) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। वे यह जांच करेंगे कि सूची में कोई:
मृत व्यक्ति का नाम तो नहीं है, एक ही व्यक्ति का नाम दो बार तो नहीं दर्ज है, कोई मतदाता किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट तो नहीं हुआ है, इसके बाद अंतिम मतदाता सूची 22 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी।
बड़े बदलाव और निगरानी व्यवस्था
चुनाव आयोग ने इस बार निगरानी को मजबूत करने के लिए एक नया कदम उठाया है। अब डिवीजनल कमिश्नरों को रोल ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है, ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
इसके अलावा, चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि:
SIR में लगे अधिकारियों का बिना अनुमति तबादला नहीं होगा
जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), ERO और सहायक ERO जैसे पद खाली नहीं रहेंगे
स्थिति क्यों चिंता का विषय बनी?
राज्य में अभी तक केवल 64.26% मतदाता डेटा मैपिंग पूरी हो पाई है। कई प्रमुख शहरी जिले जैसे गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत और पंचकूला में यह आंकड़ा 60% से भी कम है, जिससे डेटा की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताया है। उन्होंने जिला प्रशासन को आदेश दिया है कि वे Resident Welfare Associations (RWAs) को भी इस अभियान में जोड़ें ताकि लोगों की भागीदारी बढ़ाई जा सके।
सबसे आगे कौन जिला?
अब तक फतेहाबाद जिला 87.44% मैपिंग के साथ सबसे आगे चल रहा है।
कुल मतदाता संख्या
हरियाणा में वर्तमान में: 2.06 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता, 20,629 मतदान केंद्र
इस वजह से यह अभियान राज्य के सबसे बड़े प्रशासनिक और चुनावी सुधार कार्यक्रमों में से एक माना जा रहा है।









