भिवानी, 07 अगस्त। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) डॉ. गगनदीप कौर सिंह के मार्गदर्शन में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव डीएलएसए पवन कुमार ने भिवानी पब्लिक स्कूल में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने बाल लैंगिक अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 2012 विषय पर आयोजित विधिक जागरूकता शिविर को भी संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों एवं सुरक्षा प्रावधानों के प्रति जागरूक किया।
सीजेएम पवन कुमार ने कहा कि आप सभी हमारे देश का उज्ज्वल भविष्य हैं। आपकी सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान हम सभी की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि आपका शरीर आपका अपना है। यदि कोई व्यक्ति आपकी इच्छा के विरुद्ध आपको छूने का प्रयास करे, आपको असहज महसूस कराए, गलत बातें करे, गलत तस्वीरें या वीडियो दिखाए, या किसी भी प्रकार का अनुचित व्यवहार करे, तो यह गलत है। ऐसी स्थिति में आपको डरना नहीं है और न ही चुप रहना है। 18 वर्ष से कम आयु का प्रत्येक व्यक्ति कानून की दृष्टि में बच्चा है और ऐसे मामलों में नाबालिग की सहमति का कोई कानूनी महत्व नहीं होता।
उन्होंने विद्यार्थियों को अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, अपराधों की जांच प्रक्रिया, दोषियों के लिए निर्धारित दंड तथा पीड़ित बच्चों को उपलब्ध नि:शुल्क कानूनी सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए कहा कि बच्चों को अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति सजग रहना चाहिए तथा किसी भी प्रकार की परेशानी या अपराध की स्थिति में चुप रहने के बजाय अपने माता-पिता, शिक्षक, प्रधानाचार्य या किसी भरोसेमंद बड़े व्यक्ति को तुरंत बताएं। आवश्यकता होने पर कानूनी सहायता के लिए नालासा हेल्पलाइन 15100 पर सहायता लें।
जिला बाल संरक्षण विभाग से रिंकू सोशल वर्कर ने विभागीय जानकारी देते हुए कहा कि हम अपने अधिकार जानेंगे, अपनी सुरक्षा का ध्यान रखेंगे, किसी भी गलत बात का साहसपूर्वक विरोध करेंगे और एक सुरक्षित, सम्मानपूर्ण एवं खुशहाल समाज के निर्माण में अपना योगदान देंगे। उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में भी जानकारी दी। विद्यालय चेयरमैन आशा पाहूजा और प्राचार्य पुलकित पाहूजा ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भिवानी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डीएलएसए के प्रतिनिधियों, विद्यालय स्टाफ तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया।









