ई-कार्ड अपनाएं, कागज बचाएं और हजारों पेड़ों को कटने से बचाएं : डॉ. अर्चना गुप्ता
*प्रकृति की रक्षा हमारी सनातन संस्कृति का अभिन्न हिस्सा, अब समय है प्रकृति का ऋण चुकाने का : डॉ. अर्चना गुप्ता
रोहतक, 7 अगस्त। भारतीय जनता पार्टी की हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि “स्वस्थ हरियाणा, हरा-भरा हरियाणा” आने वाले समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानकर जन-जन का अभियान बनाना होगा। साथ ही उन्होंने लोगों से विवाह एवं अन्य सामाजिक आयोजनों में ई-कार्ड अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे कागज की खपत कम होगी और हजारों पेड़ों को कटने से बचाया जा सकेगा।
डॉ. अर्चना गुप्ता शुक्रवार को रोहतक के जलेबी चौक पर आयोजित वन महोत्सव एवं पौधारोपण कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं। उन्होंने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा लोगों से अधिकाधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। इस अवसर पर हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं ने मानेसर से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का लाइव संबोधन भी सुना।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रकृति ने हमें जीवन, जल, वायु और हरियाली का अमूल्य उपहार दिया है। अब समय आ गया है कि हम भी प्रकृति का ऋण चुकाएं। यदि प्रत्येक नागरिक हर वर्ष एक पौधा लगाए और उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण दिया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आज पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों का विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। स्वस्थ समाज की नींव स्वच्छ और संतुलित पर्यावरण पर टिकी होती है। यदि आज प्रकृति संरक्षण के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए गए, तो भविष्य की पीढ़ियों को गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि विवाह समारोहों, सामाजिक आयोजनों और विभिन्न कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में निमंत्रण पत्र छपते हैं, जिनसे कागज की खपत बढ़ती है। डिजिटल युग में अधिकाधिक ई-कार्ड अपनाकर हम पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपने दैनिक जीवन में भी प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग का संकल्प लेने का आग्रह किया।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज पूरा विश्व पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर चर्चा कर रहा है, जबकि भारत की सनातन संस्कृति ने हजारों वर्ष पहले ही प्रकृति को देवतुल्य मानकर उसकी पूजा की है। हमारे शास्त्रों में वृक्षों, नदियों, पर्वतों और वनस्पतियों को जीवन का आधार माना गया है। इसलिए प्रकृति की रक्षा हमारे लिए कोई नया विचार नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और जीवन-दर्शन का अभिन्न अंग है।
उन्होंने कहा कि वृक्ष वर्षा चक्र को संतुलित रखने, भूजल स्तर बढ़ाने, जैव विविधता को सुरक्षित रखने तथा बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विकास का वास्तविक अर्थ प्रकृति का विनाश नहीं, बल्कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित करना है।
डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चलाया जा रहा “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से गांव-गांव और घर-घर जाकर अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने का आह्वान किया।
*वन महोत्सव प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संकल्प : डॉ. अरविंद शर्मा*
हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि वन महोत्सव केवल पौधे लगाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वायु, पर्याप्त वर्षा, जल संरक्षण और संतुलित पर्यावरण के लिए अधिकाधिक वृक्षों का होना आवश्यक है। केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है। प्रत्येक नागरिक को कम से कम एक पौधे की जिम्मेदारी परिवार के सदस्य की तरह निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देने के लिए आज ही जल, जंगल और जमीन के संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे। पर्यावरण संरक्षण पूरे समाज का साझा दायित्व है और जनभागीदारी से ही इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष रणबीर ढाका, जिला प्रभारी एवं चेयरमैन विजयपाल एडवोकेट, प्रदेश सचिव नागेंद्र शर्मा, प्रतिभा सुमन, सुनीता जांगड़ा, एससी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अजय खूड़िया, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, पूर्व विधायक कृष्णमूर्ति हुड्डा, पूर्व मेयर मनमोहन गोयल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।







