*डीएलएसए ने पॉक्सो अधिनियम और नशे के दुष्प्रभावों को लेकर विद्यार्थियों को किया जागरूक*
गुरुग्राम, 07 अगस्त- जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम नरेंद्र सुरा के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सुशांत लोक में बाल लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो अधिनियम), 2012 तथा नशा मुक्ति एवं नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के उन्मूलन को लेकर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ बाल अपराधों से बचाव और नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देना रहा।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निशा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए उन्हें अपने अधिकारों और कानून की जानकारी होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जागरूकता के माध्यम से बच्चों को न केवल शोषण और उत्पीड़न से बचाया जा सकता है, बल्कि उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराई से भी दूर रखा जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी, शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में चुप न रहने और बिना किसी डर के अपने माता-पिता, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पात्र व्यक्तियों को उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में भी जानकारी दी।
पॉक्सो अधिनियम के संबंध में अधिवक्ता रितु कपूर ने विद्यार्थियों को बाल लैंगिक अपराधों से सुरक्षा के लिए बनाए गए कानून के उद्देश्य एवं प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों के अधिकारों, अपराध की सूचना देने की अनिवार्यता, बाल हितैषी न्यायिक प्रक्रिया तथा दोषियों के लिए निर्धारित कानूनी दंड के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से भी बच्चों के व्यवहार में होने वाले बदलावों पर ध्यान देने तथा उनकी सुरक्षा के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।
नशा मुक्ति एवं नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के उन्मूलन विषय पर डीएलएसए के पैनल अधिवक्ता रवि करहाना तथा सिविल अस्पताल, गुरुग्राम के मनोचिकित्सक डॉ. अजय ने विद्यार्थियों को जागरूक किया।
डॉ. अजय ने नशे के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि नशे की आदत व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ उसकी पढ़ाई, परिवार और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करती है। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, खेलकूद एवं सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने तथा किसी भी प्रकार की नशे की लत या परेशानी होने पर समय रहते विशेषज्ञ से परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया।
शिविर के दौरान विद्यार्थियों ने पॉक्सो अधिनियम, बाल अधिकार, नशे से बचाव और विधिक सहायता से संबंधित विभिन्न प्रश्न विशेषज्ञों के समक्ष रखे। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का सरल एवं व्यवहारिक तरीके से उत्तर देते हु









