चंडीगढ़: हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरों (ACB) भ्रष्टाचार के मामले में पैसे लेते रंगे हाथों पकड़े जाने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त नजर आ रहा है। एसीबी ने सीएम नायब सैनी से आग्रह किया है कि भ्रष्टाचार में गिरफ्तार होने के बाद जमानत पर आने वाले कर्मियों पर सख्ती बरती जाए।
पोस्टिंग पुराने स्थान से कम से कम 100 किलोमीटर दूर जिलों में हो
एसीबी ने कहा कि पहली बात तो ऐसे कर्मचारियों को बहाल ही नहीं करना चाहिए। यदि जमानत के बाद पैडिंग जांच के तहत उन्हें बहाल किया जाता है तो उनकी पोस्टिंग पुराने स्थान से कम से कम 100 किलोमीटर दूर के जिलों में होनी चाहिए। एसीबी ने प्रदेश भर से ऐसे करीब 35 दागी अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची मुख्यमंत्री को दी है जिसमें वह पुराने जिलों में ही दोबारा से ड्यूटी कर रहे हैं। बताया गया कि मुख्यमंत्री भी ऐसे सिस्टम से नाराज हैं और उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
एसीबी द्वारा तैयार की गई लिस्ट में 35 भ्रष्ट सरकारी कर्मचारी और अधिकारी
एसीबी के अफसरों का कहना है कि प्रदेश के कई विभागों में ऐसे अफसर व कर्मचारी तैनात हैं जो पूर्व में एक बार रंगे हाथों गिरफ्तार हो चुके हैं लेकिन उनका भ्रष्टाचार को लेकर रवैया वैसे ही बना हुआ है। एसीबी ने ऐसे कई कर्मचारियों की सूची तैयार की है। सूत्रों की मानें तो विभाग की ओर से तैयार की गई 35 अफसरों की सूची में उक्त कई अफसर और कर्मचारी शामिल हैं।
बीते 6 सालों में फरीदाबाद नगर निगम में हुए कार्यों की जांच शुरु
केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर की ओर से फरीदाबाद नगर निगम में घोटाले को लेकर लगाए गए आरोपों के बाद अब हरियाणा सरकार सख्त हो गई है। एसीबी के चीफ ए.एस. चावला ने बताया कि बीते 6 सालों में फरीदाबाद नगर निगम में हुए कामों की जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, फरीदाबाद नगर निगम के 3 साल पुराने 200 करोड़ रुपए के घोटाले में भी एसीबी ने सख्त रुख अपनाया है। इसमें कई अफसरों से पूछताछ के लिए 17-ए की परमिशन मांगी गई है।









