चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों और मुख्याध्यापकों को निर्देश दिए हैं कि वे गर्मी छुट्टियों के दौरान स्कूल भवनों की मरम्मत, रखरखाव और आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के महानिदेशक (डीजीएसई) की ओर से 2 जून को जारी पत्र में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के स्कूल प्रमुखों को इन कार्यों को छुट्टियों के दौरान पूरा करने के लिए कहें।
पत्र में कहा गया है कि एक लाख रुपये तक की लागत वाले छोटे मरम्मत एवं रखरखाव कार्य या बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था उपलब्ध कंसोलिडेटेड चिल्ड्रेन वेलफेयर फंड से कराई जा सकती है। यदि किसी स्कूल में पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं है तो संबंधित डीईओ के माध्यम से सात दिनों के भीतर मुख्यालय को फंड की मांग भेजनी होगी।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन स्कूलों में मरम्मत कार्यों के लिए धन उपलब्ध नहीं है, वहां समग्र शिक्षा अभियान के जूनियर इंजीनियर (JE) या सब-डिविजनल इंजीनियर (SDE) से सत्यापित और डीईओ द्वारा अनुमोदित अनुमान तैयार कर एक सप्ताह के भीतर विभाग को भेजना होगा।
शिक्षा विभाग ने निगरानी को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। मुख्यालय स्तर के जिन अधिकारियों को विभिन्न जिलों के स्कूलों के निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई है, वे ग्रीष्मावकाश के दौरान स्कूलों का औचक निरीक्षण करेंगे और वहां उपलब्ध आधारभूत ढांचे व सुविधाओं की जांच करेंगे।
पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि किसी स्कूल में प्राचार्य या मुख्याध्यापक की ओर से लापरवाही या अनियमितता पाई गई तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग ने सभी अधिकारियों को इन निर्देशों का प्राथमिकता के आधार पर पालन सुनिश्चित करने और निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।









