चंडीगढ़, 30 अप्रैल – हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा की हरियाणा सरकार ने किसानों की सुविधा और खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार जल्दी ही किसानो को क्यूआर कोड आधारित जे-फॉर्म व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराएगी।
इस पहल का स्वागत करते हुए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि यह व्यवस्था किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगी और उन्हें मंडियों में लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने बताया कि किसान अब अपने मोबाइल फोन पर प्राप्त क्यूआर कोड को स्कैन कर आसानी से जे-फॉर्म का उपयोग कर सकेंगे।
कृषि मंत्री ने कहा कि जे-फॉर्म के डिजिटल होने से किसानों को बैंक ऋण, बीमा और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी सुविधा होगी। इसके साथ ही ई-खरीद पोर्टल से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं जैसे गेट-पास, भुगतान की स्थिति, फसल और भूमि सत्यापन अब डिजिटल माध्यम से उपलब्ध होंगी, जिससे समय और श्रम की बचत होगी।
उन्होंने जानकारी दी कि अगले खरीफ मौसम से एक समर्पित ‘किसान ऐप’ भी लॉन्च किया जाएगा, जिसमें जे-फॉर्म, भुगतान स्थिति, गेट-पास बुकिंग और फसल विवरण जैसी सभी सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी।
श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि इस नई व्यवस्था से मंडियों में भीड़ कम होगी, भुगतान प्रक्रिया तेज होगी और पूरी खरीद प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान रबी सीजन में अब तक 13.50 लाख डिजिटल गेट-पास जारी किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य में इस वर्ष रबी मौसम के दौरान 83.85 लाख मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड आवक दर्ज की गई है, और 79.07 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद कर ली गई है
जिससे 5.80 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार ऐसी योजनाएं लागू कर रही है, जो उनकी सुविधा और आय बढ़ाने में सहायक हों।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे व्हाट्सएप पर प्राप्त क्यूआर कोड आधारित जे-फॉर्म का अधिक से अधिक उपयोग करें और इस डिजिटल पहल का हिस्सा बनें।









