55 प्रतिशत नंबर आए, फिर भी घर में बजी खुशियों की शहनाई, परिवार ने कटवाया स्पेशल केक

Published On: May 17, 2026
Follow Us

मुंबई: आमतौर पर भारत में परीक्षा परिणाम को लेकर बच्चों पर बड़ा बोझ रहता है। कम नंबर आए तो उनका हौसला बढ़ाने के बजाए घर में पेरेंट्स के ताने सुनने पड़ते हैं। लेकिन हाल ही में मुंबई से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने हर किसी का दिल जीत लिया है।

बेटे के 55 प्रतिशत नंबर आने पर परिवार ने उसे डांटने के बजाय खास अंदाज में जश्न मनाया। मार्कशीट जैसे डिजाइन वाला केक काटकर परिवार ने यह मैसेज दिया कि बच्चों की खुशी और आत्मविश्वास किसी भी नंबर से ज्यादा जरूरी है।

बेटे की मार्कशीट के जैसा बनवाया केक

मुंबई में रहने वाले इस परिवार का वीडियो सोशल मीडिया पर सुर्खियों का विषय बना हुआ है। यह परिवार अपने बेटे मोहम्मद जैद के 55 प्रतिशत नंबर आने की खुशी मनाता नजर आ रहा है। सबसे खास बात तो यह रही कि परिवार ने जैद के लिए एक ऐसा केक बनवाया, जो बिल्कुल उसकी मार्कशीट जैसा दिख रहा था।

राजधानी एक्सप्रेस के कोच में लगी भीषण आग, त्रिवेंद्रम से निजामुद्दीन आ रही थी ट्रेन

View this post on Instagram

A post shared by Rukhsar Patel (@ruksarpatel19)

बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने ईशान किशन को दिया 1 करोड़ का चेक

केक पर जैद का नाम, रोल नंबर, माता-पिता के नाम और सभी विषयों के नंबर लिखे गए थे। जैद को अंग्रेजी में 57, मराठी में 44, हिंदी में 56, गणित में 59, साइंस एंड टेक्नोलॉजी में 55 और सोशल साइंस में 49 नंबर मिले। कुल मिलाकर उसने 500 में से 276 अंक हासिल किए, यानी 55 प्रतिशत अंक।

यूजर्स को खूब पसंद आया अंदाज

सोशल मीडिया पर ये वीडियो बहुत पसंद किया जा रहा है। हर कोई इस परिवार की जमकर तारीफ कर रहा है। कई यूजर्स ने कहा, कि बच्चों को नंबरों के आधार पर जज करने के बजाय उनका हौसला बढ़ाना ज्यादा जरूरी है। एक यूजर ने लिखा, 84% नंबर आने पर भी मुझे कभी इतना सम्मान और खुशी नहीं मिली। वहीं दूसरे यूजर ने कहा, मैंने 10वीं में 95% और 12वीं में 94.8% नंबर हासिल किए थे, लेकिन मेरे लिए कभी ऐसा सेलिब्रेशन नहीं हुआ।

मां के इस संदेश ने जीत लिया लोगों का दिल

भारत में कैंसर के इलाज में नई क्रांति, 7 मिनट में मिलेगा नया इंजेक्शन

जैद की मां रुक्सार पटेल ने वीडियो शेयर करते हुए बताया कि उनके लिए बेटे की खुशी सबसे ज्यादा मायने रखती है। उन्होंने कहा, मेरे लिए मेरे बच्चे के 55 नंबर, 95 या 85 नंबर से ज्यादा बड़े हैं। मैं उसे डांटना या बुरा महसूस कराना नहीं चाहती। मैं चाहती हूं कि वह हमेशा खुश रहे और खुद को किसी से कम न समझे। रुक्सार ने यह भी कहा- कि कई बार माता-पिता की कड़वी बातें बच्चों को अंदर तक तोड़ देती हैं और इसी वजह से कई बच्चे गलत कदम भी उठा लेते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment