नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आज आवारा कुत्तों से जुड़ी उन याचिकाओं पर फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को दूसरी जगह भेजने और उनकी नसबंदी से जुड़े, 7 नवंबर 2025 के अपने आदेश में बदलाव या उसे वापस लेने की सभी अर्जियों और याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
कोर्ट ने आवारा पशुओं को लेकर भारतीय पशु कल्याण बोर्ड द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रियाओं की वैधता को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। इस मामले में कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी से निपटने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की दिशा में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ओर से लगातार प्रयास नहीं किए गए हैं।
कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि हम देश के अलग-अलग हिस्सों से आ रही उन खबरों से आंख नहीं फेर सकते, जिसमें बच्चों और बुजुर्गों पर हमले हुए हैं। कोर्ट ने कहा कि आम नागरिक सार्वजनिक स्थानों पर असुरक्षित रह गए हैं और अंतरराष्ट्रीय यात्री भी ऐसी घटनाओं का शिकार हुए हैं।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच ने इस मामले की सुनवाई के बाद 29 जनवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। याचिकाकर्ताओं, प्रतिवादियों, पीड़ितों, कुत्तों के पक्ष में शामिल लोग, पशु कल्याण बोर्ड और भारत सरकार की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।









