गुरुग्राम: हरियाणा के गुरुग्राम जिले के पाटौदी क्षेत्र में शनिवार देर रात एक केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया और आसमान में धुएं का गुबार छा गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन को तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू करना पड़ा।
ओम साईराम इंडस्ट्री में हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार मुसहेदपुर-खुर्समपुर गांव के पास स्थित ओम साईराम इंडस्ट्री में रविवार तड़के आग लगी। फैक्ट्री के अंदर रखे रसायन और कच्चे माल के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। आग की ऊंची लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं।
1:40 बजे मिली सूचना, तुरंत पहुंची दमकल टीम
फायर ब्रिगेड कंट्रोल रूम को रात करीब 1:40 बजे आग लगने की सूचना मिली। शुरुआती टीम जब मौके पर पहुंची तो आग की भयावहता को देखते हुए अतिरिक्त दमकल गाड़ियों की मांग की गई। इसके बाद जिले के विभिन्न फायर स्टेशनों से दमकल वाहन घटनास्थल के लिए रवाना किए गए।
करीब 12 दमकल गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
आग बुझाने के लिए पाटौदी, मानेसर, भीम नगर, सेक्टर-37 और सेक्टर-29 समेत कई फायर स्टेशनों से करीब 12 दमकल गाड़ियों को लगाया गया। दमकलकर्मियों ने फैक्ट्री को चारों तरफ से घेरकर आग को आसपास के इलाकों में फैलने से रोका।
रातभर चला राहत और बचाव अभियान
फायर ब्रिगेड की टीमों ने पूरी रात आग पर काबू पाने के लिए अभियान चलाया। पानी खत्म होने पर कई दमकल गाड़ियों को बार-बार रीफिलिंग के लिए भेजना पड़ा। घंटों की मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया जा सका।
छुट्टी बनी राहत की वजह
प्रशासन के अनुसार घटना के समय फैक्ट्री बंद थी और अंदर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। वीकली ऑफ के कारण मजदूरों की अनुपस्थिति ने एक बड़े हादसे को टाल दिया। यदि फैक्ट्री में कर्मचारी मौजूद होते तो जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।
कोई हताहत नहीं, जांच शुरू
अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में किसी के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं है। आग पर काबू पाने के बाद टीमों ने कूलिंग ऑपरेशन शुरू कर दिया है ताकि दोबारा आग भड़कने की संभावना खत्म की जा सके।
नुकसान का आकलन बाकी
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रशासन का कहना है कि कूलिंग ऑपरेशन पूरा होने के बाद फैक्ट्री के अंदर विस्तृत निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद ही नुकसान की वास्तविक स्थिति और आग लगने के कारणों का खुलासा हो सकेगा।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
फायर विभाग और स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या किसी रासायनिक प्रतिक्रिया की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
बड़ा हादसा टला
केमिकल फैक्ट्री में लगी इस भीषण आग ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। राहत की बात यह रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि फैक्ट्री को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।









