सिरसा, 07 अगस्त।
डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही डॉ. अंबेडकर मेडिकल एड स्कीम का उद्देश्य अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय के आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को गंभीर बीमारियों के उपचार और सर्जरी के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के तहत केवल उन्हीं परिवारों को लाभ मिलेगा जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 5 लाख रुपये से कम है।
योजना के अनुसार किडनी, हृदय, लिवर, कैंसर, मस्तिष्क सहित अन्य जानलेवा बीमारियों में सर्जरी की आवश्यकता वाले मरीज सहायता के पात्र होंगे। इसके अलावा अंग प्रत्यारोपण (ऑर्गन ट्रांसप्लांट) तथा स्पाइनल सर्जरी के मामलों को भी योजना में शामिल किया गया है। यदि किसी मरीज को पुरानी (क्रॉनिक) बीमारी है तो वह अगले वित्तीय वर्ष में दूसरी बार सहायता अनुदान के लिए भी आवेदन कर सकता है।
योजना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किडनी रोग से पीडि़त तथा किडनी या अन्य अंग प्रत्यारोपण की आवश्यकता वाले मरीजों को भी सहायता मिलेगी। ऐसे मामलों में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थी भी पात्र होंगे, क्योंकि किडनी प्रत्यारोपण पीएम- जन आरोग्य योजना के अंतर्गत कवर नहीं है।
इन अस्पतालों में कराया जा सकेगा उपचार
योजना के तहत देश के विभिन्न प्रमुख अस्पतालों में उपचार कराया जा सकेगा। इनमें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली एवं अन्य राज्यों के एम्स, संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट लखनऊ, पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल, जबलपुर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, बी. बरुआ कैंसर इंस्टीट्यूट गुवाहाटी, बिरला हार्ट फाउंडेशन कोलकाता, टाटा कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट मुंबई, निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज हैदराबाद, द वॉलंटरी हेल्थ सर्विसेज चेन्नई सहित सभी सीजीएचएस से मान्यता प्राप्त अस्पताल शामिल हैं।इसके अतिरिक्त राज्य सरकारों के मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पताल, राज्य अस्पताल, राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त अस्पताल, केंद्र अथवा राज्य सरकार द्वारा पूर्ण वित्तपोषित अस्पताल तथा जिला मुख्यालयों और प्रमुख शहरों के सरकारी अस्पताल, जहां संबंधित सर्जरी या उपचार की सुविधा उपलब्ध है, भी इस योजना के अंतर्गत शामिल किए गए हैं। विशेष परिस्थितियों में डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन के अध्यक्ष की संतुष्टि होने पर किसी अन्य अस्पताल को भी शामिल किया जा सकता है।
इतनी मिलेगी आर्थिक सहायता
योजना के तहत स्वीकृत अनुमानित शल्य चिकित्सा व्यय का 100 प्रतिशत भुगतान सीधे संबंधित अस्पताल को बैंक हस्तांतरण अथवा मांग पत्र के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक बीमारी के अनुसार अधिकतम सहायता राशि निर्धारित की गई है। हृदय शल्य चिकित्सा तथा रीढ़ की हड्डी की शल्य चिकित्सा के लिए अधिकतम एक लाख पचास हजार रुपये, गुर्दा शल्य चिकित्सा, डायलिसिस तथा गुर्दा या अन्य अंग प्रत्यारोपण के लिए अधिकतम तीन लाख पचास हजार रुपये, कैंसर की शल्य चिकित्सा, रसायन चिकित्सा और विकिरण चिकित्सा के लिए अधिकतम दो लाख पचास हजार रुपये, मस्तिष्क की शल्य चिकित्सा तथा अन्य जानलेवा बीमारियों के उपचार के लिए अधिकतम दो लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
ये दस्तावेज जरूरी
मरीज को निर्धारित आवेदन पत्र अथवा साधारण कागज पर निर्धारित प्रारूप के अनुसार आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ स्वयं प्रमाणित जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड या आधार कार्ड तथा अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट द्वारा प्रमाणित सर्जरी की अनुमानित लागत का प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा। किडनी प्रत्यारोपण के मामलों में लाभार्थी और डोनर के संबंध का प्रमाण, प्राधिकृत समिति का प्रमाण पत्र तथा डोनर का नाम, आयु, पता, रक्त समूह और आधार संबंधी विवरण भी देना होगा। आवेदन पर मरीज का स्वप्रमाणित फोटो लगाना अनिवार्य होगा। सहायता राशि के शीघ्र हस्तांतरण के लिए अस्पताल के बैंक खाते का विवरण भी आवेदन के साथ देना होगा।
कम से कम 15 दिन पहले करें आवेदन प्रस्तुत
योजना के अनुसार आवेदन सर्जरी, डायलिसिस या कीमोथेरेपी की निर्धारित तिथि से कम से कम 15 दिन पहले डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन, 15 जनपथ, नई दिल्ली-110001 के निदेशक को भेजना होगा। आवेदन के साथ प्रस्तुत अनुमानित लागत प्रमाण पत्र में सर्जरी की निर्धारित तिथि का उल्लेख होना अनिवार्य है। योजना के तहत स्वीकृत सहायता राशि एकमुश्त किस्त में सर्जरी से पहले सीधे अस्पताल को जारी की जाएगी। मरीज के डिस्चार्ज होने पर अस्पताल को अंतिम बिल और उपयोगिता प्रमाण पत्र डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन को जमा करना होगा। यदि जारी की गई सहायता राशि का कोई भाग उपयोग नहीं होता है तो उसे अस्पताल द्वारा मरीज के डिस्चार्ज की तिथि से अधिकतम एक माह के भीतर फाउंडेशन को वापस करना होगा। इसके अलावा फाउंडेशन और अन्य स्रोतों से प्राप्त कुल सहायता सर्जरी की अनुमानित लागत से अधिक नहीं हो सकती।
जिला कल्याण अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि योजना के तहत सामान्य परिस्थितियों में उपचार या सर्जरी के बाद हुए खर्च की प्रतिपूर्ति के मामलों पर विचार नहीं किया जाएगा। हालांकि, यदि आवेदन सर्जरी की तिथि से कम से कम 15 दिन पहले फाउंडेशन को प्राप्त हो गया था, तो योग्यता के आधार पर ऐसे मामलों पर विचार किया जा सकता है। वहीं पीएम-जय (जन आरोग्य योजना) के अंतर्गत आने वाले मरीज सामान्यत: इस योजना के पात्र नहीं होंगे, लेकिन किडनी या अंग प्रत्यारोपण जैसे मामलों में, जहां पीएम-जय के तहत कवरेज उपलब्ध नहीं है, उन्हें योजना का लाभ दिया जा सकेगा।









