चंडीगढ़, 25 अगस्त- हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने आज यहां हरियाणा निवास में उच्च शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान मंत्री ने राज्य में प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के स्तर को गुणात्मक रूप से सुधारने और शैक्षणिक संस्थानों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए।
*स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं का व्यापक सर्वे पूरा*
शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने बताया कि राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का व्यापक सर्वे पूरा कर लिया गया है। इस सर्वे के आधार पर प्रत्येक जिले में स्कूलों की तात्कालिक जरूरतों और कमियों की सटीक पहचान की गई है। इसी डेटा के आधार पर अब जरूरत के अनुसार विकास योजनाएं तैयार की जा रही हैं। स्कूलों के भवनों के निर्माण, मरम्मत और अन्य आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है तथा इसके लिए आवश्यक धनराशि बिना किसी विलंब के जारी की जा रही है।
*नवंबर 2026 तक स्कूलों में होगी ड्यूल डेस्क की उपलब्धता*
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को बेहतर और आरामदायक कक्षा वातावरण प्रदान करने के लिए ड्यूल डेस्क की खरीद प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी गई है। वर्तमान में टेंडर प्रक्रिया जारी है और विभाग का लक्ष्य है कि नवंबर 2026 तक सभी लक्षित स्कूलों में ड्यूल डेस्क उपलब्ध करा दिए जाएं।
*250 सीएम-ईईई स्कूल बनेंगे राज्य के ‘मॉडल स्कूल’*
मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 250 सीएम-ईईई स्कूलों की पहचान की गई है। पीएम-श्री स्कूलों की विकास प्रक्रिया से जुड़े इन स्कूलों का चयन कड़े मानदंडों के आधार पर किया गया है। इनके लिए विशेष ‘स्कूल विकास योजनाएं’ तैयार की गई हैं, जिनसे यहां के पढ़ाई के माहौल, शैक्षणिक गुणवत्ता और इंफ्रास्ट्रक्चर में अभूतपूर्व सुधार होगा। इन्हें राज्य के अग्रणी मॉडल स्कूलों के रूप में स्थापित किया जाएगा।
*विदेशी भाषाएं सीखने का अवसर और ‘सुपर 100’ का विस्तार*
मंत्री ने कहा कि फ्रांस के दूतावास के सहयोग से 60 शिक्षकों को प्रशिक्षित कर 26 सरकारी स्कूलों में फ्रेंच की कक्षाएं शुरू कर दी गई हैं। वहीं जर्मन भाषा के लिए 80 शिक्षकों का चयन कर जर्मन दूतावास के सहयोग से प्रशिक्षण प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि मेधावी छात्रों को आईआईटी और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले ‘सुपर 100’ कार्यक्रम में सीटों की संख्या 400 से बढ़ाकर 500 कर दी गई है। इसके दो ऑफलाइन केंद्रों की स्थापना की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है, जिससे होनहार छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं का बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा।
*स्कूल मैनेजमेंट कमेटी का सशक्तिकरण और निपुण हरियाणा मिशन*
स्थानीय समुदाय और अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एसएमसी को मजबूत किया गया है। अब 1 लाख रुपये तक के विकास कार्य सक्षम अधिकारी की मंजूरी से और 25 लाख रुपये तक के आधारभूत कार्य एडीसी की मंजूरी से कराए जा सकते हैं।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के तहत ‘निपुण हरियाणा मिशन’ का विस्तार कक्षा 5 तक किया गया है। चालू वर्ष में इसे कक्षा 4 तक लागू किया जा रहा है। बालवाटिका-3 से कक्षा 4 तक के छात्रों का ‘निपुण हरियाणा टीचर एप’ के जरिए डिजिटल मूल्यांकन किया गया है और बच्चों के सीखने के स्तर के अनुरूप नई पाठ्य-पुस्तकें विकसित की जाएंगी।
*उच्च शिक्षा और राजकीय कॉलेजों का सुदृढ़ीकरण*
शिक्षा मंत्री ने उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी राजकीय कॉलेजों में इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ किया जाए और ऐसा वातावरण तैयार किया जाए जिससे सरकारी कॉलेजों में विद्यार्थियों के नामांकन में बढ़ोतरी दर्ज हो।
बैठक में उच्चतर शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री एके सिंह, हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, माध्यमिक शिक्षा के महानिदेशक श्री जितेंद्र दहिया, निदेशक श्रीमती मनिका मलिक, उच्चतर शिक्षा के निदेशक श्री एस नारायणन व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।









