Haryana: हरियाणा वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। अगर आप गांव में रहकर अपना बिजनेस शुरू करने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए सरकार ने ‘नेशनल लाइवस्टॉक मिशन’ (NLM) स्कीम के रूल्स में एक बड़ा बदलाव कर दिया है। अब गांव के किसानों और बेरोजगार युवाओं को भेड़-बकरी पालन के लिए पूरे 50 लाख रुपये तक की भारी भरकम सब्सिडी मिल रही है।
इस स्कीम का सीधा टारगेट ये है कि लोग अब इस काम को एकदम मॉडर्न और साइंटिफिक तरीके से करें, ताकि उनके लिए रोजगार के नए चांस बनें और कमाई बढ़ सके। Haryana News
पहले इस स्कीम में एक बड़ी प्रॉब्लम थी। सब्सिडी का फायदा सिर्फ उन लोगों को मिलता था जो 500 भेड़ या बकरियों खरीदते थे। लेकिन अब सरकार ने रूल्स को एकदम आसान कर दिया है और दायरा बढ़ा दिया है। नए सिस्टम के हिसाब से, अब आप सबसे छोटी यूनिट यानी सिर्फ 100 मादा और 5 नर पशुओं के साथ भी अपना बिजनेस स्टार्ट कर सकते हैं। Haryana News
100 पशुओं की यूनिट पर: 10 लाख रुपये
200 पशुओं की यूनिट पर: 20 लाख रुपये
300 पशुओं की यूनिट पर: 30 लाख रुपये
400 पशुओं की यूनिट पर: 40 लाख रुपये
500 पशुओं (और 25 नर) की यूनिट पर: पूरे 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी।
इस स्कीम के तहत आपके प्रोजेक्ट का पूरा 50 प्रतिशत खर्च (कैपिटल सब्सिडी) सरकार अपनी जेब से देगी। बाकी के 50 प्रतिशत पैसे का जुगाड़ आपको खुद करना होगा या फिर आप इसके लिए बैंक से लोन ले सकते हैं।
इस स्कीम का फायदा कोई भी आम आदमी, किसान ग्रुप (FPO), सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG), जॉइंट लायबिलिटी ग्रुप और धारा-8 की कंपनियां ले सकती हैं। लेकिन इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें भी हैं:
आपकी उम्र 18 साल से ज्यादा होनी चाहिए।
पशु रखने के लिए आपके पास अपनी खुद की या फिर लंबे टाइम के लिए लीज पर ली गई जमीन होनी चाहिए।
एक बात क्लियर कर लें, सरकार जमीन खरीदने, किराए पर लेने या कोई गाड़ी खरीदने के लिए कोई पैसा नहीं देगी।
इस 50 लाख वाली सब्सिडी को पाने के लिए आपके पास किसी मान्यता प्राप्त सरकारी जगह से भेड़-बकरी पालने की ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट या इस काम का अच्छा एक्सपीरियंस होना जरूरी है।
अगर आप इसके लिए एलिजिबल हैं, तो अपने जमीन के कागज, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, बैंक डिटेल, आईडी प्रूफ और ट्रेनिंग सर्टिफिकेट के साथ सीधे ‘उद्यमी मित्र’ पोर्टल (www.nlm.udyamimitra.in) पर जाकर अपना ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। जैसे ही आप फॉर्म सबमिट करेंगे, स्टेट लेवल की टीम (SIA) आपके कागज चेक करेगी। इसके बाद बैंक से लोन पास होते ही सीधा केंद्र सरकार के पशुपालन विभाग से आपको सब्सिडी की मंजूरी मिल जाएगी।









