हरियाणा के गुरुग्राम में एक हिस्ट्रीशीटर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसकी गाड़ी से 2 पिस्टल और 26 गोलियां बरामद हुईं। पुलिस का कहना है कि हिस्ट्रीशीटर पर 16 आपराधिक मुकदमे दर्ज है।
मंगलवार देर शाम हिस्ट्रीशीटर मनोज ओझा खेड़की दौला टोल प्लाजा के पास पहुंचा। वह खुद ड्राइविंग कर टोल पर आया। तड़पते हुए उसने टोलकर्मियों से कहा कि उसे गोली लगी है। अस्पताल ले चलो।
टोल की एम्बुलेंस ने उसे तुरंत मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मृतक के शरीर पर गोली के निशान थे, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। आशंका है कि यह रास्ते में 2 गुटों के बीच गोलीबारी हुई है। वहीं, कार पर कोई गोलियों के निशान नहीं है।
मृतक पर 16 क्रिमिनल केस
मृतक का नाम मनोज ओझा बताया जा रहा है। वह दिल्ली का रहने वाला है। उसके खिलाफ 16 क्रिमिनल मुकदमे दर्ज है। वह जून 2025 में जेल से बाहर आया था। हालांकि पुलिस ने अभी मृतक की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
मामले में पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार का कहना है कि खेड़की दौला थाना पुलिस और मानेसर सीआईए टीम जांच में लगा दी गई है। अभी इसकी जांच की जा रही है कि हिस्ट्रीशीटर की हत्या हुई है या किसी घटना में उसे गोली लगी है। उसकी गाड़ी से 2 पिस्टल भी बरामद हुई है।
5 किलोमीटर पहले लगी गोली
खेड़की दौला टोल प्लाजा कर्मियों ने बताया कि मंगलवार शाम एक बोलेरो गाड़ी (DL11 CF 1333) आकर टोल पर रुकी। ड्राइविंग सीट पर बैठे व्यक्ति ने कहा कि उसे 5 किमी पहले गोली मारी गई हैं। उसे अस्पताल पहुंचा दो। इसके बाद टोल प्लाजा की एम्बुलेंस उसे मेदांता अस्पताल ले गई। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।
टोल प्लाजा की तरफ से पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को गाड़ी से 2 पिस्टल, 4 मैगजीन और 26 गोलियां मिली हैं।













