झज्जर: महिला सशक्तिकरण और नारी नेतृत्व के मामले में हरियाणा के झज्जर जिला अव्वल हो चुका है। झज्जर जिला पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन गया है। एक समय में कम लिंगानुपात जैसी सामाजिक चुनौतियों के लिए चर्चा में रहने वाले इस जिले ने आज पूरी कहानी ही बदल दी है। आज के दौर में झज्जर के नागरिक प्रशासन और पुलिस व्यवस्था की पूरी शीर्ष कमान एक साथ महिला अधिकारियों के हाथों में है।
कानून व्यवस्था बनाए रखने से लेकर राजस्व प्रबंधन और जन-शिकायतों के निपटारे तक, जिले के सबसे महत्वपूर्ण विभागों की कमान महिलाओं के हाथों में है, जो देश के प्रशासनिक इतिहास में एक दुर्लभ उदाहरण है।
देश की सबसे काबिल महिला अधिकारी नीति-निर्धारक और निर्णय लेने वाले पदों पर आसीन
- उपायुक्त (DC): वर्षा खांगवाल (IAS)
- पुलिस आयुक्त (Commissioner of Police): डॉ. राजश्री सिंह (IPS)
- DCP: धारणा यादव
- DCP: दीप्ति गर्ग
- सिटी मजिस्ट्रेट (CTM): ऋतु बंसिवाल
- SDM (बेरी): रेणुका नांदल
- महिला सशक्तिकरण का एक अनूठा मॉडल
झज्जर का मॉडल केरल और तमिलनाडु से भी आगे निकला
देश का शायद ही ऐसा कोई जिला होगा किसी जिले के मुख्य पद जैसे जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस कप्तान एक साथ महिलाओं के पास रहे हों (जैसा कि पूर्व में केरल और तमिलनाडु के कुछ जिलों में देखा गया था)। लेकिन झज्जर का यह मॉडल उससे भी कहीं आगे है। यहां कमिश्नर, डीसी, दोनों डीसीपी और उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) जैसे लगभग सभी प्रमुख पदों पर एक ही समय में महिलाओं का होना एक संपूर्ण और मजबूत ‘फीमेल लीडरशिप इकोसिस्टम’ का निर्माण करता है।









