Haryana News: हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की विदेश यात्राओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, पंचकूला ने आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि सितंबर 2026 तक विदेश यात्रा संबंधी किसी भी आवेदन को मंजूरी के लिए आगे नहीं भेजा जाएगा।
महानिदेशक माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह निर्णय मुख्य सचिव, हरियाणा द्वारा 10 जून 2026 को जारी एडवाइजरी के अनुपालन में लिया गया है। आदेश के बाद प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों, जिला शिक्षा कार्यालयों तथा शिक्षा विभाग के अधीन सभी संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने कर्मचारियों के विदेश दौरे से संबंधित किसी भी प्रस्ताव को निर्धारित अवधि तक स्वीकृति के लिए अग्रेषित न करें।

हजारों कर्मचारियों पर पड़ेगा असर
सरकार के इस फैसले का सीधा प्रभाव स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े हजारों शिक्षकों, प्राचार्यों, शिक्षा अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों पर पड़ेगा। जिन कर्मचारियों ने निजी कार्यों, पारिवारिक आयोजनों, पर्यटन या अन्य कारणों से विदेश यात्रा की योजना बनाई हुई है, उन्हें अब सितंबर 2026 तक प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है।
गंभीर चिकित्सा मामलों को छूट
हालांकि सरकार ने मानवीय आधार पर गंभीर बीमारियों और विदेश में आवश्यक चिकित्सा उपचार से जुड़े मामलों को इस प्रतिबंध से बाहर रखा है। ऐसे मामलों में नियमानुसार आवेदन प्रस्तुत किए जा सकेंगे और उन पर विशेष परिस्थितियों के आधार पर विचार किया जाएगा।
सभी संबंधित संस्थानों को भेजे गए निर्देश
यह आदेश प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ), जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (डीईईओ), एससीईआरटी, डाइट, बीआईटीई, गेट्टी संस्थानों, निदेशालय मुख्यालय के अधिकारियों तथा विभागीय आईटी सेल को भेज दिया गया है। साथ ही आईटी सेल को निर्देश दिए गए हैं कि आदेश को विभागीय वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाए, ताकि सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी इसकी जानकारी समय पर प्राप्त कर सकें।










