चंडीगढ़: हरियाणा में पशुपालकों के लिए सरकार की ओर से बड़ी सहायता प्रदान करने की घोषणा की गई है। रविवार को सीएम नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता चंडीगढ़ में कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन और पशुपालन विभागों के पांच वर्षीय कार्यान्वयन रोडमैप और कार्य योजना पर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।
इस बैठक में सीएम सैनी ने कहा कि पशुचिकित्सा विशेषज्ञों और सहायकों से लैस मोबाइल वैन जल्द टोल-फ्री नंबर 1962 के माध्यम से हर दिन सुबह 6 से रात 10 बजे के बीच पशुपालकों को उनके घर पर ही पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेंगी। कॉल मिलने पर मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई 30 मिनट के भीतर लाभार्थी के घर पहुंचेगी जिससे पशुओं के लिए समय पर इलाज और आपातकालीन देखभाल सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस सुविधा को धीरे-धीरे 24 घंटे की सेवा में बदलने के निर्देश दिए।
बैठक में सीएम ने कृषि पारिस्थितिकी तंत्र के आधुनिकीकरण के उद्देश्य से विभागवार लक्ष्यों चल रही पहलों और योजनाओं की समीक्षा की। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार ने बताया कि विभाग ने वर्ष 2026-27 में लगभग 1.40 लाख एकड़ जलभराव और लवणीय भूमि को सुधारने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा जबकि वर्ष 2031 तक ऐसी प्रभावित भूमि को 100 प्रतिशत सुधारने का लक्ष्य है। मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन को मजबूत करने के लिए विभाग हर साल 15 लाख किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड (सॉइल हेल्थ कार्ड) जारी करने की योजना बना रहा है। इस रोडमैप में राज्य भर में टिकाऊ कृषि प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए 1.5 लाख एकड़ भूमि को प्राकृतिक और जैविक खेती समूहों (क्लस्टर्स) के तहत लाना भी शामिल है।
सीएम सैनी ने मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों को प्रदेश में जलभराव वाले क्षेत्रों का उपयोग झींगा पालन के लिए करने की संभावना तलाशने के निर्देश दिए। सीएम ने पशुपालन विभाग को राज्य के विभिन्न जिलों में सालाना 4 पशु मेले आयोजित करने के निर्देश दिए, जहां पशुपालकों के लाभ के लिए पशुओं की खरीद-बिक्री और अन्य संबद्ध गतिविधियां की जा सकें।









