हिसार, 30 अप्रैल।
ज्ञान भारतम मिशन एवं जनगणना 2027 को लेकर चलाए जा रहे जागरूकता एवं प्रचार अभियान के तहत सीटीएम एवं जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुभाष चंद्र ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित किया। उन्होंने ज्ञान भारतम मिशन के उद्देश्यों तथा जनगणना के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने परिजनों को दोनों ही अभियान के संबंध में प्रेरित करें। उन्होंने जनगणना 2027 को देश के विकास की आधारशिला बताते हुए कहा कि यह प्रक्रिया नीतियों के निर्माण और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके लिए सटीक आंकड़े बेहद जरूरी हैं। सीईओ सुभाष चंद्र ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे जनगणना के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार एवं समाज में भी इसकी महत्ता के बारे में जानकारी फैलाएं। उन्होंने कहा कि युवाओं की भागीदारी से ही ऐसे अभियानों को सफल बनाया जा सकता है।
उन्होंने ज्ञान भारतम मिशन की जानकारी देते हुए कहा कि प्राचीन पांडुलिपियों की पहचान और दस्तावेजीकरण के लिए व्यापक अभियान चलाया है। जिसके तहत प्राचीन ज्ञान संपदा को सहेजा जा रहा है। विद्यार्थी अपने घरों व आस-पड़ोस के अलावा प्राचीन मंदिर, मठ इत्यादि में रखे ऐतिहासिक पत्रों, मानचित्रों और पुरानी तस्वीरों की जानकारी जुटाएं ताकि ऐसे अभिलेखों का भौतिक सत्यापन और जियो-टैगिंग की जा सके। कोई भी नागरिक ज्ञान भारतम ऐप के माध्यम से पांडुलिपियों का विवरण, स्थान और तस्वीरें अपलोड कर सकते हैं। इस दौरान औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के अधिकारियों एवं स्टाफ ने भी अभियान से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने अपने प्रश्न रखे, जिनका सीईओ सुभाष चंद्र ने सरल और प्रभावी तरीके से उत्तर दिया।











