घर-घर पहुंचेगी जनगणना टीम, तकनीक के साथ तैयार होगा विकास का खाका

Published On: May 1, 2026
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झज्जर, 30 अप्रैल।  जिला में आगामी जनगणना-2027 को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने की तैयारियां तेज हो गई हैं। डीसी एवं प्रधान जनगणना अधिकारी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने कहा कि “जनगणना से जनकल्याण” की थीम पर आधारित यह अभियान न केवल आंकड़ों का संकलन होगा, बल्कि आने वाले वर्षों में विकास नीतियों, कल्याणकारी योजनाओं और आधारभूत ढांचे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


गुरुवार को इस विषय को लेकर जनगणना निदेशक ललित जैन ने वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से झज्जर सहित प्रदेश के सभी जिला उपायुक्त और अन्य अधिकारियों के साथ चर्चा की।

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वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के बाद अधिकारियों की  समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने बताया कि 1 मई से प्रगणक घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना कार्य को जीरो टॉलरेंस नीति के तहत क्रियान्वित किया जाएगा। इस महाअभियान में जिला के लगभग ढ़ाई हजार से ज्यादा अधिकारी व कर्मचारी,जिनमें 2185 एनमरेटर,365 सुपरवाइजर और 8 चार्ज अधिकारी जुड़े हुए हैं, जिन्हें पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।


डीसी एवं प्रधान जनगणना अधिकारी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने बताया कि जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का होगा, जबकि दूसरा चरण 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक जनसंख्या गणना के रूप में संपन्न होगा।

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उन्होंने बताया कि इस बार 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक नागरिकों को स्व-गणना का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने ऑनलाइन पोर्टल व मोबाइल एप के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज की है। ऐसे नागरिकों को अब प्रगणकों को अपनी आईडी उपलब्ध करानी होगी, ताकि मौके पर केवल सत्यापन किया जा सके। इससे समय की बचत के साथ-साथ आंकड़ों की गुणवत्ता में भी सुधार सुनिश्चित होगा।

डीसी ने बताया कि इस बार गणनाकर्मी विशेष हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन मोबाइल एप का उपयोग करेंगे, जिसे उनके पंजीकृत मोबाइल उपकरणों पर इंस्टॉल किया गया है। यह एप ऑफलाइन मोड में भी कार्य करेगा और नेटवर्क उपलब्ध होते ही डेटा स्वतः सिंक्रोनाइज हो जाएगा। रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए तकनीक आधारित डैशबोर्ड और सीएमएमएस पोर्टल का उपयोग किया जाएगा, जिससे प्रत्येक स्तर पर प्रगति की सतत निगरानी सुनिश्चित होगी।
डीसी ने कहा कि एसडीएम, तहसीलदार, नगर परिषद, नगरपालिकाओं सहित सभी विभागीय अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन, प्रगणकों व पर्यवेक्षकों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, जिले का शत-प्रतिशत कवरेज तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी एसडीएम और चार्ज अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनगणना कार्य की सतत निगरानी के लिए नियमित फील्ड विजिट सुनिश्चित करें, ताकि कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप समय पर पूरा हो सके।
इस अवसर पर सीटीएम एवं नोडल अधिकारी रितु बंसीवाल, डीआईओ अमित बंसल, ट्रेनर मोहित कुमार और अरुण कुमार उपस्थित थे।

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