पानीपत ने बाल स्वास्थ्य सेवाओं में बनाई मिसाल, RBSK के तहत 67 बच्चों की मुफ्त सर्जरी 

Published On: June 1, 2026
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पानीपत: हरियाणा का पानीपत, जो देश-विदेश में हैंडलूम सिटी के नाम से प्रसिद्ध है, अब बच्चों की स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। केंद्र सरकार की राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते पानीपत ने राज्य में दूसरा स्थान हासिल किया है। जिले में वर्ष 2025-26 के दौरान RBSK के तहत 67 बच्चों की सफल सर्जरी कराई गई, जबकि जिंद 70 सर्जरी के साथ पहले स्थान पर रहा।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में कुल 113 बच्चों की विभिन्न बीमारियों के लिए सर्जरी की गई। इनमें 67 ऑपरेशन RBSK के तहत और 46 अन्य योजनाओं जैसे आयुष्मान भारत, सरकारी कर्मचारी पैनल तथा गैर-सरकारी संस्थाओं के सहयोग से कराए गए।

लगातार बढ़ रहा लाभार्थियों का आंकड़ा

पिछले चार वर्षों में बच्चों की सर्जरी की संख्या लगातार बढ़ी है—

  • 2022-23 : 44 सर्जरी
  • 2023-24 : 55 सर्जरी
  • 2024-25 : 56 सर्जरी
  • 2025-26 : 113 सर्जरी

यह बढ़ोतरी योजना की बढ़ती पहुंच और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को दर्शाती है।

2.19 लाख से अधिक बच्चों की हुई स्वास्थ्य जांच

जिले में नौ मोबाइल हेल्थ टीमों ने घर-घर और स्कूलों तक पहुंच बनाकर कुल 2,19,805 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की।

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इनमें शामिल हैं—

  • 1,36,252 बच्चे, जो 1,048 आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत हैं।
  • 83,563 विद्यार्थी, जो 418 सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं।

प्रत्येक टीम में दो डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट और एक एएनएम (सहायक नर्स दाई) शामिल थीं।

73,849 बच्चों में मिली स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं

RBSK के नोडल अधिकारी डॉ. ललित वर्मा के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान जांच में 73,849 बच्चों में चार प्रमुख श्रेणियों (जन्मजात दोष, बीमारियां, पोषण संबंधी कमी और विकास संबंधी देरी) से जुड़ी समस्याएं पाई गईं।

बीमारियों से पीड़ित बच्चे

55,408 बच्चों में विभिन्न बीमारियां पाई गईं, जिनमें शामिल हैं—

  • खुजली (स्केबीज)
  • एक्जिमा
  • दांतों में सड़न (डेंटल कैरीज)
  • कान का संक्रमण (ओटाइटिस मीडिया)
  • दौरे पड़ने की समस्या

विकास संबंधी देरी

10,166 बच्चों में विकास संबंधी समस्याएं पाई गईं, जैसे—

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  • दृष्टि और श्रवण बाधित होना
  • मोटर और संज्ञानात्मक विकास में देरी
  • ऑटिज्म
  • एडीएचडी (ध्यान की कमी एवं अति सक्रियता विकार)

पोषण की कमी

7,566 बच्चों में पोषण संबंधी कमियां मिलीं, जिनमें—

  • गंभीर कुपोषण (SAM)
  • गंभीर एनीमिया
  • विटामिन A और D की कमी

जन्मजात दोष

709 बच्चों में जन्म से जुड़ी समस्याएं पाई गईं, जिनमें—

  • जन्मजात हृदय रोग (CHD)
  • कटे होंठ और तालु (क्लेफ्ट लिप एवं पैलेट)
  • क्लब फुट
  • डाउन सिंड्रोम
  • जन्मजात मोतियाबिंद
  • सुनने की क्षमता में कमी

आंख और हृदय रोग की सबसे ज्यादा सर्जरी

RBSK के तहत हुई 67 सर्जरी में—

  • 45 बच्चों की भेंगापन (Squint Eye) और मोतियाबिंद की सर्जरी हुई।
  • 22 बच्चों का जन्मजात हृदय रोग (CHD) का ऑपरेशन किया गया।

मुफ्त मिलता है इलाज और महंगी सर्जरी की सुविधा

डॉ. ललित वर्मा ने बताया कि मोबाइल हेल्थ टीमें नियमित रूप से सरकारी स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और नवजात शिशुओं की जांच के लिए अस्पतालों का दौरा करती हैं। यदि किसी बच्चे में गंभीर बीमारी या जन्मजात दोष पाया जाता है, तो उसे सरकारी या पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज और सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

एनीमिया और विटामिन की कमी पर भी फोकस

जांच के दौरान एनीमिया या विटामिन की कमी से पीड़ित बच्चों को उपचार दिया जा रहा है। शिक्षा विभाग के सहयोग से प्रत्येक बुधवार स्कूलों में बच्चों को आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां वितरित की जाती हैं।

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योजना को और मजबूत बनाने की तैयारी

हाल ही में उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के प्रभावी संचालन और इसे और मजबूत बनाने पर चर्चा की गई।

इस तरह पानीपत न केवल उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य और कल्याण के क्षेत्र में भी हरियाणा में एक मिसाल बनकर उभर रहा है।

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