युवाओं में तेजी से बढ़ रही है थायराइड की बीमारी, समय पर इलाज नहीं कराने पर समस्या हो सकती है गंभीर

Published On: May 24, 2026
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फतेहाबाद: आज की बदलती लाइफस्टाइल, खानपान सही ना होना और बढ़ता तनाव थायराइड की बीमारी का सबसे बड़े कारण बनकर उभर रहे हैं। पहले यह बीमारी बढ़ती उम्र के साथ होती थी लेकिन अब तो यह युवा वर्ग के लोगों को भी अपने चपेट में ले रही है।

फतेहाबाद की नागरिक अस्पताल में हर दिन 3 से 4 की संख्या में थाइराइड के मरीज पहुंच रहे हैं। आने वाले मरीजों में महिलाओं के साथ-साथ युवा वर्ग के मरीजों की भी संख्या अधिक है। डॉक्टरों का कहना है कि समय रहते जांच और उपचार न कराया जाए तो यह बीमारी शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित कर सकती है। थाइराइड गले के सामने मौजूद एक छोटी ग्रंथि होती है, जो शरीर में हार्मोन बनाने का काम करती है।

यही हार्मोन शरीर की ऊर्जा, वजन, हृदय गति, पाचन और मानसिक स्थिति को नियंत्रित करते हैं। जब यह ग्रंथि जरूरत से कम या अधिक हार्मोन बनाने लगती है तो शरीर में कई तरह की समस्याएं शुरू हो जाती हैं। हार्मोन कम बनने की स्थिति को हाइपोथाइराइड और अधिक बनने को हाइपरथाइराइड कहा जाता है। यह दोनों ही परिस्थतियां शरीर के नुकसानदेह होती है।

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थाइराइड के सामान्य लक्षण

लगातार हो रही थकान, अचानक वजन बढ़ना या घटना, बाल झड़ना, हाथ कांपना, नींद कम आना, चिड़चिड़ापन, दिल की धड़कन तेज होना और गले में सूजन इसके सामान्य लक्षण हो सकते हैं। महिलाओं में मासिक धर्म संबंधी गड़बड़ी और गर्भधारण में परेशानी भी थाइराइड के कारण हो सकती है। वहीं बच्चों और युवाओं में यह बीमारी पढ़ाई, मानसिक एकाग्रता और शारीरिक विकास पर असर डाल सकती है।

इलाज में ना करें थोड़ी भी लापरवाही

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डॉक्टर्स का कहना है कि आमतौर पर लोग इसे सामान्य कमजोरी या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन लंबे समय तक इलाज नहीं मिलने पर यह बीमारी हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मोटापा, मानसिक तनाव और कमजोरी जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित जांच और चिकित्सकीय सलाह से इस बीमारी को नियंत्रित रखा जा सकता है। मरीजों को बिना डाक्टर की सलाह दवा बंद नहीं करनी चाहिए।

थाइराइड से करना है बचाव तो अपनायें ये सावधानियां

  • संतुलित और पौष्टिक भोजन लें।
  • आयोडीन युक्त नमक का प्रयोग करें।
  • नियमित व्यायाम और योग करें।
  • तनाव से दूर रहने का प्रयास करें।
  • पर्याप्त नींद लें और दिनचर्या नियमित रखें।
  • वजन और स्वास्थ्य की समय-समय पर जांच करवाएं।
  • लगातार थकान या अन्य लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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