हरियाणा ने पब्लिक हेल्थ केयर क्वालिटी में राष्ट्रीय मानकों को किया पार, 2026 तक 100 प्रतिशत प्रमाणीकरण का लक्ष्य

Published On: April 22, 2026
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चंडीगढ़, 22 अप्रैल – हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि हरियाणा ने सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस प्रोग्राम और कायाकल्प अवार्ड इनीशिएटिव्स  के तहत राष्ट्रीय मानकों को पार कर लिया है।

डॉ. सुमिता मिश्रा ने यह बात आज चंडीगढ़ में विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में कही।

उन्होंने बताया कि हरियाणा स्टेट हेल्थ रिसोर्स सेंटर ने 1,560 सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों को प्रमाणित किया है, जिससे 57 प्रतिशत सर्टिफिकेशन दर हासिल हुई है। यह दिसंबर, 2025 के लिए निर्धारित 50 प्रतिशत लक्ष्य से काफी अधिक है। नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन के तहत हरियाणा देश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है। यह कार्यक्रम स्टैंडर्ड हेल्थ केयर डिलीवरी पक्का करता है, साथ ही प्रमाणीकरण पाने वाले संस्थान को वित्तीय प्रोत्साहन भी देता है।

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डॉ मिश्रा ने बताया कि राज्य ने इस दिशा में कई राष्ट्रीय उपलब्धियां भी हासिल की हैं। पंचकूला का जिला सिविल अस्पताल अप्रैल, 2017 में देश का पहला एनक्यूएएस प्रमाणित जिला अस्पताल बना। इसके बाद फरवरी 2018 में कृष्णा नगर, गामरी स्थित अर्बन प्राइमरी हेल्थ सेंटर देश का पहला प्रमाणित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बना। जून 2022 में फरीदाबाद का जिला सिविल अस्पताल देश का पहला ‘मुस्कान’ प्रमाणित जिला अस्पताल बनकर पहचान बनाई, जबकि जून 2024 में सोनीपत के रायपुर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर उपकेंद्र को देश का पहला वर्चुअली असेस्ड एवं प्रमाणित केंद्र बनने का गौरव प्राप्त हुआ।

उन्होंने बताया कि एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन के तहत राज्य में सभी स्तरों पर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। राज्य के लगभग सभी जिला अस्पताल कुल 21 (95 प्रतिशत) प्रमाणित हो चुके हैं। उप-जिला अस्पतालों में 57 प्रतिशत (16 संस्थान) तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 35 प्रतिशत (134 संस्थान) सर्टिफिकेशन प्राप्त कर चुके हैं। वहीं, आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप-केंद्रों में 65 प्रतिशत (1,342 केंद्र) प्रमाणित हो चुके हैं, जो जमीनी स्तर पर सुधार को दर्शाता है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि कायाकल्प अवॉर्ड प्रोग्राम ने स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण और बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्ष 2025-26 के दौरान 2,548 संस्थानों ने आंतरिक मूल्यांकन तथा 2,645 संस्थानों ने पीयर असेसमेंट पूरा किया, जिनमें से 416 संस्थान बाहरी मूल्यांकन के लिए पात्र पाए गए।

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उल्लेखनीय है कि 1,539 स्वास्थ्य संस्थानों ने 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर कायाकल्प प्रोत्साहन के लिए पात्रता हासिल की। इनमें सभी 21 जिला अस्पताल, 40 उप-जिला अस्पताल तथा 1,000 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप-केंद्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, एक जिला अस्पताल और एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को पर्यावरण अनुकूल संस्थान के रूप में विशेष प्रोत्साहन प्रदान किया गया।

इन सुधारों को बनाए रखने और आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा 5.39 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

डॉ. मिश्रा ने बताया कि 1,560 संस्थान पहले ही प्रमाणित हो चुके हैं और एचएसएचआरसी ने दिसंबर, 2026 तक राज्य की सभी सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थाओं में 100 प्रतिशत एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को सतत निगरानी, क्षमता निर्माण और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण के माध्यम से हासिल किया जाएगा।

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हरियाणा में बढ़ती प्रमाणित स्वास्थ्य सुविधाएं, बेहतर स्वच्छता मानक और सेवाओं की गुणवत्ता यह दर्शाती है कि राज्य एक सुलभ, मानकीकृत और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य प्रणाली की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, और अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।

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