Haryana: हरियाणा में अधिकतर लोगों को ये पता नहीं होगा की प्रदेश की किस नदी में सोना बहता है। आज हम आपको इसके बारें में पूरी जानकारी देने वाले है। हरियाणा के यमुनानगर की बोली नदी इन दिनों मानो सोना उगल रही है। जानकारी के मुताबिक, बोली नदी के किनारे सुबह से ही कारीगरों की हलचल शुरू हो जाती है।
मिली जानकारी के अनुसार, जैसे ही नदी का जलस्तर कम होता है, कारीगर अपने पारंपरिक औजारों के साथ नदी में उतरकर रेत और मिट्टी को खंगालना शुरू कर देते हैं। इन कारीगरों का काम बेहद मेहनत भरा होता है। नदी की रेत को पहले इकट्ठा किया जाता है, फिर उसे पानी से धोकर छाना जाता है। Haryana News
जानकारी के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया के बाद रेत में छिपे बेहद बारीक सोने के कण अलग किए जाते हैं। यह काम धैर्य, अनुभव और लगातार मेहनत की मांग करता है। कारीगर बताते हैं कि हर साल जब नदी का पानी कम हो जाता है, तभी यह काम संभव हो पाता है। कारीगरों का कहना है कि यह हुनर उन्होंने अपने बुजुर्गों से सीखा है। Haryana News
मिली जानकारी के अनुसार, कई पीढ़ियों से उनका परिवार बोली नदी से सोना निकालने का काम करता आ रहा है। पहले यह काम ज्यादा लाभकारी हुआ करता था, लेकिन समय के साथ सोने के कण कम होते जा रहे हैं। इसके बावजूद कारीगर आज भी इसी पर निर्भर हैं। Haryana News
जानकारी के मुताबिक, नदी से निकाले गए सोने को कारीगर रोजाना स्थानीय सुनारों के पास बेचते हैं। इसी कमाई से उनके परिवार का पालन-पोषण होता है। बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च और रोजमर्रा की जरूरतें इसी मेहनत से पूरी की जाती हैं। Haryana News
मिली जानकारी के अनुसार, कारीगरों का कहना है कि कई बार पूरे दिन की मेहनत के बाद सिर्फ कुछ ही कण सोना हाथ लगता है, लेकिन फिर भी यह उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है।









