Haryana: हरियाणा की बेटियों ने रचा इतिहास, बनीं देश की पहली एनडीए-प्रशिक्षित महिला फाइटर पायलट

Published On: June 13, 2026
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Haryana News: हरियाणा की दो बेटियों ने भारतीय सैन्य इतिहास में नया अध्याय जोड़ते हुए देश की पहली एनडीए-प्रशिक्षित महिला फाइटर पायलट बनने का गौरव हासिल किया है। चरखी दादरी जिले के छपार गांव की इशिता सांगवान और भागवी गांव की मीनाक्षी ने साढ़े तीन वर्ष की कठिन ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद यह उपलब्धि हासिल की है। दोनों को शनिवार को हैदराबाद में कमीशन प्रदान किया जाएगा, जिसके बाद वे भारतीय वायुसेना में लड़ाकू विमान उड़ाकर देश की सेवा करेंगी।

दोनों युवा अधिकारी अब तेलंगाना के बीदर स्थित प्रशिक्षण एवं ऑपरेशनल सेंटर में अपनी पहली तैनाती संभालेंगी। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने बदली जिंदगी

इशिता सांगवान के पिता चरण सिंह सांगवान ने बताया कि वर्ष 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं को भी राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के माध्यम से सेना में प्रवेश का अवसर देने का ऐतिहासिक निर्णय सुनाया था। उस समय इशिता 12वीं कक्षा की तैयारी कर रही थीं और उनका सपना सिविल सेवा में जाने का था।

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कोर्ट के फैसले के बाद उन्होंने अपना लक्ष्य बदल लिया। महज एक महीने बाद आयोजित एनडीए की लिखित परीक्षा में उन्होंने सफलता प्राप्त की। 6 अगस्त 2022 को उनके घर ज्वाइनिंग लेटर पहुंचा और 9 अगस्त को उन्होंने पुणे स्थित एनडीए में प्रशिक्षण शुरू कर दिया।

तीन साल की कठिन ट्रेनिंग के बाद मिली फाइटर विंग

मीनाक्षी ने भी एनडीए के पहले महिला बैच के साथ पुणे के खड़कवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में तीन वर्ष का प्रशिक्षण पूरा किया। इसके बाद उन्हें भारतीय वायुसेना विंग आवंटित की गई।

एयरफोर्स विंग मिलने के बाद उन्होंने हैदराबाद में छह महीने की विशेष फाइटर एयरक्राफ्ट ट्रेनिंग प्राप्त की। हाल ही में यह प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें फाइटर स्ट्रीम में शामिल किया गया है।

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मीनाक्षी के पिता रविंद्र का भी सेना से जुड़ाव रहा है। बेटी की उपलब्धि पर पूरे गांव में उत्साह का माहौल है। ग्राम पंचायत ने उनके सम्मान में विशेष समारोह आयोजित करने की घोषणा की है।

गांवों में जश्न का माहौल

इशिता और मीनाक्षी की सफलता की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांवों में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों बेटियों ने क्षेत्र की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का काम किया है।

इशिता के पिता चरण सिंह और माता अनीता देवी का कहना है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं। यदि उन्हें अवसर और प्रोत्साहन मिले तो वे हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं।

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जून 2025 में गांव पहुंची थीं इशिता

एनडीए में प्रशिक्षण के दौरान जून 2025 में अवकाश पर अपने गांव पहुंची इशिता सबसे पहले गांव के बाबा जमुना दास मंदिर गई थीं। वहां उन्होंने माथा टेककर आशीर्वाद लिया था। परिवार का कहना है कि कमीशन प्राप्त करने के बाद छुट्टी मिलने पर वह फिर गांव आएंगी और ग्रामीणों से मुलाकात करेंगी।

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