Haryana: हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने हरियाणा शेड्यूल्ड रोड्स एंड कंट्रोल्ड एरिया रेस्ट्रिक्शन ऑफ अनरेगुलेटेड डेवलपमेंट एक्ट, 1963 में संशोधन लागू कर दिया है। इसके तहत अब नियंत्रित क्षेत्रों में औद्योगिक उद्देश्य के लिए अनुमति सेल्फ-सर्टिफिकेशन के आधार पर भी मिल सकेगी।
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह संशोधन 13 नवंबर, 2025 से प्रभावी माना जाएगा। नए प्रावधानों का उद्देश्य औद्योगिक परियोजनाओं की अनुमति प्रक्रिया को सरल और तेज बनाना है, ताकि निवेशकों को अनावश्यक औपचारिकताओं से राहत मिल सके। सरकार मानना है कि इस संशोधन से हरियाणा में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिल सकता है। अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाने से उद्योगों को स्थापित करने में आसानी होगी और राज्य में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिल सकती है।
मिलेगी मंजूरी
संशोधित प्रावधान के अनुसार यदि किसी औद्योगिक इकाई को नियंत्रित क्षेत्र के कनफॉर्मिंग जोन में स्थापित करना है और वह सेल्फ-सर्टिफिकेशन के माध्यम से अनुमति लेना चाहता है, तो आवेदक को अब पारंपरिक अनुमति प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा। इसके बजाय उसे निर्धारित जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध करानी होगी और निर्धारित शुल्क व चार्ज जमा कराने होंगे। इसके बाद अनुमति की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। इस कदम से उद्योगों की स्थापना से जुड़ी प्रक्रियाओं में तेजी आने की उम्मीद है।
जरूरी नहीं
संशोधन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी परियोजना को कनफॉर्मिंग जोन में सेल्फ-सर्टिफिकेशन के आधार पर अनुमति दी जाती है, तो उस मामले में डायरेक्टर द्वारा अलग से जांच करने की आवश्यकता नहीं होगी। सरकार का मानना है कि इससे अनुमति प्रक्रिया में लगने वाला समय कम होगा और निवेशकों को प्रोत्साहन मिलेगा।
निरस्त
सरकार ने इस संशोधन के साथ पहले जारी किए गए हरियाणा शेड्यूल्ड रोड्स एंड कंट्रोल्ड एरिया रेस्ट्रिक्शन ऑफ अनरेगुलेटेड डेवलपमेंट (संशोधन) ऑर्डिनेंस, 2025 को भी निरस्त कर दिया है। हालांकि उस ऑर्डिनेंस के तहत पहले जो भी कार्रवाई या निर्णय लिए गए थे, उन्हें इस नए कानून के तहत वैध माना जाएगा।










