चंडीगढ़, 30 अप्रैल- राज्य में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए वैश्विक स्तर पर सरकार द्वारा अनेक प्रयास किया जा रहे हैं इसी कड़ी में 5 जुलाई को हरियाणा सरकार का एक उच्च प्रतिनिधिमंडल तंजानिया जा रहा है इन प्रयासों से हरियाणा को ने केवल वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त पहचान मिलेगी बल्कि पूंजी निवेश भी आकर्षित होगा।साथ ही हरियाणा और अफ्रीकी देशों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में व्यापार और निवेश की संभावनायें तलाशी जाएगी
विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि इसी कड़ी में 5 जुलाई को तंजानिया के 50वें दार-एस-सलाम अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में भाग लेने के लिए हरियाणा सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल सात दिन के दौरे पर जाएगा। इस मेले में हरियाणा पैवीलियन भी लगाया जाएगा। विदेश सहयोग विभाग द्वारा हरियाणा को गो-ग्लोबल अप्रोच के माध्यम से वैश्विक निवेश का हब बनाने के उद्देश्य से विभिन्न हितधारकों से बातचीत की गई है। इस दौरे के दौरान किसान, व्यापारी, आई टी, फार्मा के प्रतिनिधि जाएंगे और तनजानिया के साथ इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता करेंगे। गौरतलब है कि हरियाणा के निर्यात में लगभग 395 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है, राज्य की सुदृढ़ औद्योगिक नीतियों और अनुकूल निवेश इस वातावरण का जोरदार प्रमाण है।
प्रवक्ता ने कहा कि हरियाणा अब केवल उत्पादन केंद्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वैश्विक व्यापार मानचित्र पर एक सशक्त निर्यात हब के रूप में उभरकर सामने आया है।निर्यातकों को ‘एक्सपोर्ट बूस्टर’ जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। एक्सपोर्ट फ्रेट सब्सिडी सपोर्ट की सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये प्रति यूनिट प्रति वर्ष करने का निर्णय लिया गया है, जिससे निर्यात लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी और प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि होगी। एमएसएमई क्षेत्र को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए एमएसएमई ग्लोबल इंडस्ट्रीज मैचिंग प्रोग्राम’ प्रारंभ किया जा रहा है ताकि इस क्षेत्र में भी इन्वेस्टमेंट, रोजगार और अन्य कार्यों को गति मिले।









