चंडीगढ़, 29 अप्रैल- हरियाणा के उद्योग, वाणिज्य एवं विदेशी सहयोग मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य औद्योगिक विकास की नई इबारत लिख रहा है और वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि विकसित देशों के साथ-साथ हरियाणा ने अफ्रीकी देशों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में व्यापार और निवेश की संभावनायें तलाशी हैं, इसी कड़ी में 5 मई को तंजानिया के 50वें दार-एस-सलाम अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में भाग लेने के लिए हरियाणा सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल सात दिन के दौरे पर जाएगा। इस मेले में हरियाणा पैवीलियन लगाया जाएगा।
मंत्री राव नरबीर सिंह आज विदेश सहयोग विभाग द्वारा हरियाणा को गो-ग्लोबल अप्रोच के माध्यम से वैश्विक निवेश का हब बनाने के उद्देशय से बुलाई गई विभिन्न हितधारकों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि अफ्रीकी देशों में खनन व खनिज पर्याप्त मात्र में है और खेती भी सस्ती है। इस दौरे के दौरान किसान, व्यापारी, आई टी, फार्मा के प्रतिनिधि जाएंगे और तनजानिया के साथ इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता करेंगे।
उद्योग मंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में हरियाणा के निर्यात में लगभग 395 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है, जो राज्य की सुदृढ़ औद्योगिक नीतियों और अनुकूल निवेश वातावरण का प्रमाण है। इस प्रगति के फलस्वरूप हरियाणा अब केवल उत्पादन केंद्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वैश्विक व्यापार मानचित्र पर एक सशक्त निर्यात हब के रूप में उभरकर सामने आया है।
उन्होंने बताया कि निर्यातकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा अनेक प्रगतिशील पहलें की गई हैं। जिन औद्योगिक इकाइयों का 80 प्रतिशत से अधिक उत्पादन निर्यात में जाता है, उन्हें विशेष मान्यता प्रदान की जाएगी। साथ ही, निर्यातकों को ‘एक्सपोर्ट बूस्टर’ जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। एक्सपोर्ट फ्रेट सब्सिडी सपोर्ट की सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये प्रति यूनिट प्रति वर्ष करने का निर्णय लिया गया है, जिससे निर्यात लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी और प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि होगी।
एमएसएमई क्षेत्र को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए एमएसएमई ग्लोबल इंडस्ट्रीज मैचिंग प्रोग्राम’ प्रारंभ किया जा रहा है। इसके अंतर्गत पहली बार रिवर्स बायर-सेलर मीट’ का आयोजन किया जाएगा, जिससे प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को सीधे वैश्विक खरीदारों और ओईएम कंपनियों से संवाद स्थापित करने का अवसर प्राप्त होगा।
इस अवसर पर विदेश सहयोग विभाग की प्रधान सचिव, श्रीमती अमनीत पी. कुमार, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक श्री राज नारायण कौशिक, विदेश सहयोग विभाग की संयुक्त निदेशक, सुश्री हीना बिंदलिस, विदेश सहयोग विभाग के सलाहकार श्री पवन चौधरी के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।








