हिसार, 30 अप्रैल।
अतिरिक्त उपायुक्त उत्सव आनंद ने कहा है कि सेंसस 2027 का उद्देश्य केवल जनगणना से है, इसलिए नागरिक जनगणना के कार्यों के लिए बनाई गई टीमों को सही जानकारी दें। इससे नागरिकों के हित में विकास की नीतियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और आधारभूत संरचनाओं को जरूरत के अनुरूप दिशा दी जाएगी।
जनगणना से जनकल्याण थीम के साथ आज, एक मई से हर घर का डाटा एकत्रित करने के उद्देश्य से जनगणना टीम लोगों के घर द्वार पर दस्तक देगी। जिले में आगामी जनगणना-2027 को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने की तैयारियां तेज हो गई हैं। वीरवार को जनगणना निदेशक डॉ ललित जैन द्वारा विडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम आयोजित बैठक के उपरांत अधिकारियों को दिशा निर्देश देते हुए यह बात कही।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार यानी 1 मई से जनगणना कार्यों में लगी टीमें आंकड़ों का संग्रहण करेंगी। सभी अधिकारी व कर्मचारी यह सुनिश्चित करें कि वे निष्ठा, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ इस कार्य को संपन्न करेंगे। पहले चरण में 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का होगा, जबकि दूसरे चरण में 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक जनसंख्या की गणना की जाएगी। उन्होंने बताया कि 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक की गई स्वगणना में नागरिकों का भरपूर सहयोग रहा। शुक्रवार से स्वगणना करने वाले नागरिकों को जनगणना के लिए आने वाली टीमों को अपनी आईडी उपलब्ध करवानी होगी, ताकि दर्ज आंकड़ों का सत्यापन किया जा सके।
शुक्रवार से आरंभ हो रही घरों की गिनती विशेष हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन मोबाइल एप से की जाएगी, जिसे जनगणना के कार्य में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों के पंजीकृत मोबाइल उपकरणों पर इंस्टॉल किया गया है। यह एप ऑफलाइन मोड में भी कार्य करेगा और नेटवर्क उपलब्ध होते ही डेटा स्वत: सिंक्रोनाइज हो जाएगा। रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए तकनीक आधारित डैशबोर्ड और सीएमएमएस पोर्टल का उपयोग किया जाएगा, जिससे प्रत्येक स्तर पर प्रगति की सतत निगरानी सुनिश्चित होगी। उन्होंने सभी एसडीएम और नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनगणना कार्य की निगरानी के लिए संबंधित क्षेत्रों का भी दौरा करें।
इस अवसर पर सीटीएम व जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुभाष चंद्र, जिला सांख्यिकी अधिकारी अमित कुमार, सचिन गर्ग सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।












