Haryana Weather: हरियाणा में मौसम का बदला हुआ मिजाज फिलहाल जारी रहने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार को राज्य के सभी 22 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में धूलभरी आंधी, गरज-चमक, बिजली गिरने और हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 19 जून तक मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा। विशेष रूप से बुधवार को पूरे प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके साथ ही कई क्षेत्रों में गरज-चमक और आसमानी बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है।
18 और 19 जून को फिर सक्रिय होगा मौसम
मौसम विभाग के पांच दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार 17 जून को मौसम अपेक्षाकृत साफ रह सकता है। हालांकि 18 और 19 जून को एक बार फिर मौसम करवट लेगा और राज्य के अधिकांश हिस्सों में धूलभरी हवाओं के साथ बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है, जिससे तापमान नियंत्रित बना हुआ है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।
जून के पहले पखवाड़े में सामान्य से अधिक बारिश
मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 15 जून के बीच हरियाणा में औसतन 20.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। यह इस अवधि की सामान्य वर्षा 17.3 मिलीमीटर की तुलना में लगभग 17 प्रतिशत अधिक है।
प्री-मानसून गतिविधियों के चलते पलवल, रेवाड़ी, फतेहाबाद और कुरुक्षेत्र समेत कई जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने जून के शुरुआती दिनों में ही प्रदेशवासियों को तीखी गर्मी से राहत दिलाई है।
40 डिग्री से नीचे रहा तापमान
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 0.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। इसका सीधा असर गर्मी के स्तर पर दिखाई दिया और राज्य का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहा।
फरीदाबाद 39.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा। वहीं गुरुग्राम में अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री और हिसार में 36.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हाल के दिनों में सिरसा में सर्वाधिक 19 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।
रातों में बढ़ी ठंडक, उमस से राहत
दिनभर चल रही ठंडी हवाओं और बीच-बीच में हो रही बारिश का असर रात के तापमान पर भी पड़ा है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.5 से 3.1 डिग्री सेल्सियस तक नीचे दर्ज किया गया है।
देर शाम और रात के समय चलने वाली ठंडी हवाओं ने उमस भरी गर्मी को काफी हद तक कम कर दिया है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रातें पहले की तुलना में अधिक सुहावनी और आरामदायक हो गई हैं।









