Haryana: हरियाणा में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, हैफेड संविदा कर्मचारियों को मिलेगी सेवा सुरक्षा

Published On: March 1, 2026
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Major decision of the High Court in Haryana

Haryana: हरियाणा में हैफेड में कार्यरत कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर आई है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा में संविदा कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा फैसला सुनाया है।

जानकारी के मुताबिक, हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि हैफेड का नाम तत्काल प्रभाव से ऑनलाइन जॉब सिक्योरिटी पोर्टल पर शामिल किया जाए, ताकि पात्र कर्मचारी हरियाणा संविदा कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) अधिनियम-2024 के तहत अपना पंजीकरण कर सकें और सेवा सुरक्षा का लाभ प्राप्त कर सकें। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की अदालत ने दिनेश कुमार एवं अन्य कर्मचारियों द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि सभी कर्मचारी हैफेड में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने नियुक्त तिथि तक पांच वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर ली है और अधिनियम के तहत सेवा सुरक्षा के पात्र हैं।

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जानकारी के मुताबिक, याचिका में कहा गया कि राज्य सरकार द्वारा संविदा कर्मचारियों के डेटा अपलोड और पंजीकरण के लिए ऑनलाइन जॉब सिक्योरिटी पोर्टल विकसित किया गया था, लेकिन हैफेड का नाम पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रहा था। इसके चलते कर्मचारी निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण नहीं करा सके और उन्हें अधिनियम का लाभ मिलने में बाधा उत्पन्न हो गई। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, अदालत के समक्ष यह भी रखा गया कि हैफेड प्रबंधन ने संबंधित विभाग को पत्र लिखकर पोर्टल में नाम शामिल न होने की जानकारी दी थी, वहीं कर्मचारियों ने भी 4 फरवरी 2026 को विस्तृत प्रतिनिधित्व सौंपा, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यहां तक कि पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाए जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया गया।

जानकारी के मुताबिक, सुनवाई के दौरान अदालत ने अधिनियम की धारा-2, 3 और 4 का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी विभाग, बोर्ड, निगम अथवा प्राधिकरण के अधीन कार्यरत ऐसे संविदा कर्मचारी, जिन्होंने नियुक्त तिथि तक पांच वर्ष की पूर्णकालिक सेवा पूरी कर ली है, उन्हें सेवा सुरक्षा प्रदान किया जाना कानूनन अनिवार्य है। Haryana News

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मिली जानकारी के अनुसार, अदालत ने यह भी माना कि हैफेड सरकार के प्रशासनिक और वित्तीय नियंत्रण में कार्यरत संस्था है, इसलिए वहां तैनात कर्मचारी अधिनियम के दायरे में आते हैं। रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि याचिकाकर्ता पूरी तरह पात्र कर्मचारी हैं और उन्हें सेवानिवृत्ति आयु तक सेवा जारी रखने की वैधानिक सुरक्षा प्राप्त है। Haryana News

जानकारी के मुताबिक, इसके आधार पर अदालत ने याचिका स्वीकार करते हुए राज्य सरकार को जाब सिक्योरिटी पोर्टल अपडेट करने तथा हैफेड को कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा का औपचारिक लाभ देने के निर्देश जारी किए। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने से आठ सप्ताह के भीतर सभी आवश्यक कार्रवाई पूरी की जाए।

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