झज्जर, 23 अप्रैल।
जिला के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में इन दिनों लोक संस्कृति की मधुर धुनों के साथ जागरूकता का संदेश भी गूंज रहा है। सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के.एम. पांडुरंग के निर्देशानुसार व उपायुक्त स्वप्निल रविन्द्र पाटिल के मार्गदर्शन में विशेष प्रचार अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।
इस अभियान के अंतर्गत विभाग की भजन पार्टियां गांव-गांव जाकर ‘नारी शक्ति वंदन’ के संदेश के साथ केंद्र व प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर रही हैं। खास बात यह है कि इन योजनाओं की जानकारी लोकगीतों और पारंपरिक शैली में सरल व सहज भाषा के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं तक पहुंचाई जा रही है, जिससे वे न केवल जानकारी प्राप्त कर रही हैं, बल्कि उससे भावनात्मक रूप से भी जुड़ रही हैं।
उपनिदेशक एवं जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी अमित पंवार ने जानकारी देते हुए बताया कि गुरुवार को गांव फतेहपुरी, सुरहेती, कसार, आसंडा, कडौदा, रणखंडा, जहादपुर, खखाना, शाहपुर व देशलपुर में भजन पार्टियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इन कार्यक्रमों में सत्यवान एंड भजन पार्टी ने गांव फतेहपुरी, सुरहेती, अशोक एंड भजन पार्टी ने गांव कसार, आसंडा, सतबीर एंड भजन पार्टी ने गांव कडौदा, रणखंडा, रामबीर एंड भजन पार्टी ने गांव जहादपुर, खखाना तथा पूनम एंड भजन पार्टी शाहपुर, देशलपुर गांव में प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया।
कलाकारों ने गीत-संगीत के माध्यम से योजनाओं को इतने सरल और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया कि ग्रामीणों का ध्यान सहज ही उनकी ओर आकर्षित हुआ। कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उत्साहजनक रही, जहां उन्होंने योजनाओं के बारे में जानने में गहरी रुचि दिखाई।
भजन पार्टी के लीडर सतबीर सिंह ने बताया कि कार्यक्रमों के दौरान महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना, वन स्टॉप सेंटर, ड्रोन दीदी, प्रत्येक जिले में स्थापित महिला थाने, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जन-जागरूकता कार्यक्रम महिलाओं में आत्मविश्वास और जागरूकता दोनों को बढ़ा रहे हैं। अब महिलाएं योजनाओं का लाभ लेने के लिए आगे आ रही हैं, जो उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।









