चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार प्रदेश की सरकारी स्कूलों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। भले ही शिक्षा विभाग की ओर से आधुनिक सुविधाएं, शिक्षित शिक्षक देने का दावा किया हो लेकिन बोर्ड परीक्षा परिणाम में सरकारी स्कूलें फिसड्डी साबित हुए। आर्ट, साइंस, कामर्स की टाप-3 सूची में जगह बनाने वाले 20 विद्यार्थियों में एक भी सरकारी स्कूल का नहीं है।
सरकारी स्कूल के 82.44 प्रतिशत विद्यार्थी ही पास
प्राइवेट स्कूलों में 87.94 प्रतिशत जबकि सरकारी स्कूलों के 82.44 प्रतिशत विद्यार्थी ही पास हुए। प्राइवेट स्कूलों के 5.5 प्रतिशत विद्यार्थी अधिक पास हुए। पिछले 7 सालों से प्राइवेट स्कूल परिणाम में सरकारी स्कूलों पर भारी पड़ रहे हैं।
भरपूर सुविधाओं के बावजूद सरकारी स्कूलों के बच्चे पीछे
सरकार की ओर से लगातार सरकारी स्कूलों में आधुनिक लैब, प्रोजेक्टर व अन्य सुविधाएं दे रही है। लेकिन बावजूद इसके परिणाम में बच्चे लगातार फिसल रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूलों में पढ़ाई का माहौल सही नहीं है इसलिए अपेक्षाकृत परिणाम नहीं मिल रहे हैं।
साइंस का परिणाम सबसे बेहतर
बीते साल की तुलना में इस बार परीक्षा परिणाम में गिरावट देखने को मिली है। लेकिन साइंस विषय का रिजल्ट बोर्ड के इतिहास का सबसे बेहतर रहा है। इस विषय के 90.08% परीक्षार्थी पास हुए। 2024 में 90.06% विद्यार्थी पास हुए थे। आर्ट्स में इस बार 82.60% तो बीते साल 85.31% विद्यार्थी पास हुए थे। कॉमर्स में 88.20% विद्यार्थी पास हुए जबकि बीते साल 92.20% पास हुए थे।
कैथल, रोहतक, अंबाला और गुरुग्राम टॉप 15 की लिस्ट में भी शामिल नहीं
चरखी दादरी 91.08% पास परिणाम के साथ अव्वल रहा जबकि नूंह 57% परिणाम के साथ फिर फिसड्डी रहा। जींद 91% परिणाम के बाद दूसरे स्थान पर है। इस बार भिवानी, कुरुक्षेत्र में बड़ा सुधार देखा गया।
वहीं कैथल, रोहतक, अंबाला, गुरुग्राम टॉप-15 की लिस्ट में भी शामिल नहीं हैं। नूंह और फरीदाबाद को छोड़कर बाकी सभी 20 जिलों का परिणाम 80 प्रतिशत से अधिक रहा। नूंह 57 प्रतिशत के साथ सबसे फिसड्डी है तो फरीदाबाद में 76.94 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए।









