Nautapa 2026: 25 मई यानि की कल से भारत में नौतपा की शुरुआत होने वाली है। नौतपा मे 9 दिनों तक धरती पर भीषण गर्मी पड़ेगी। ज्योतिषीय विद्वानों के दी गई जानकारी के मुताबिक जिस समय ग्रहों के राजा सूर्य नारायण चंद्रमा के आधिपत्य वाले रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो पृथ्वी पर 9 दिनों तक आग बरसती है। जिसे ‘नौतपा’ कहते हैं।
नौतपा के दौरान सूर्य की तपिश से वातावरण और व्यक्ति के शरीर में जल का स्तर गिरने लगता है। इन दिनों में जल का सही और पर्याप्त उपयोग करना चाहिए। इस दौरान लू लगने का अधिक खतरा रहता है इसलिए घर से बाहर निकलते समय सावधानी रखना बहुत जरूरी होता है।
रोहिणी नक्षत्र और सूर्य का आपस में क्या है कनेक्शन
ज्योतिष शास्त्र की माने तो कुल 27 नक्षत्रों में रोहिणी का स्थान चौथा है, जिसके स्वामी स्वयं चंद्रमा हैं। चंद्रमा को शीतलता और जल का कारक माना जाता है। वहीं, सूर्य अग्नि तत्व के प्रतीक हैं। जब सूर्य इस शीतल नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो वे इसकी पूरी शीतलता को अवशोषित (सोख) लेते हैं, जिससे वातावरण में जल तत्व की कमी हो जाती है और धरती तपने लगती है। इस दौरान सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी भी कम हो जाती है, जिससे किरणें सीधी और अधिक प्रभावी होकर गिरती हैं।
दान-पुण्य का क्या है महत्व
नौतपा के 9 दिनों में जल को बचाने को संदेश दिया जाता है। सूर्य के तेज प्रभाव के कारण इस समय पानी का वाष्पीकरण तेजी से होता है, जिसके चलते बहुत सारी नदियां और तालाब सूख जाते हैं। ऐसे में पानी बचाना अवश्यक है। अत: पौधों में जल देना, प्यासों को पानी पिलाना, जल पिलाने के लिए प्याऊ की व्यवस्था करना, जल की बर्बादी न करना ही मानवता की सच्ची सेवा है।









