Global Warming: देशवासियों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। हाल ही में एक नए वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक, देश का एक शहर डूबने की कगार पर आ गया है। इस सदी के अंत तक समंदर का स्तर विशाखापत्तनम में काफी बढ़ सकता है। जानकारी के मुताबिक, इस बात का खुलासा पुरी, चेन्नई और विशाखापत्तनम पर हुई एक अध्ययन में हुआ है।
बढ़ा खतरा
मिली जानकारी के अनुसार, एक नई अध्ययन में बड़ा खुलासा हुआ है। जिसके मुताबिक, आंध्र प्रदेश का एक प्रमुख बंदरगाह शहर Visakhapatnam इस सदी के खत्म होने तक यहां समंदर का पानी काफी ऊपर आ सकता है। हालांकि यह इस बात से तय होगा कि दुनिया में प्रदूषण की स्थिति क्या होगी। Global Warming
बढ़ेगा समंदर
जानकारी के मुताबिक, अध्ययन में बताया गया है कि अगर प्रदूषण का स्तर कम है तो समंदर का जलस्तर लगभग 41 सेमी बढ़ जाएगा। प्रदूषण के मध्यम स्तर में 70 सेंटीमीटर और अगर प्रदूषण ज्यादा बढ़ा तो जलस्तर 98 सेंटीमीटर तक बढ़ सकता है। Global Warming
कैसे हुई अध्ययन?
मिली जानकारी के अनुसार, इस बात का खुलासा पुरी, चेन्नई और Visakhapatnam पर हुई एक अध्ययन में हुआ है। रिसर्च टीम ने सैटेलाइट और समंदर के पुराने डेटा के आधार पर अंदाजा लगाया है कि भविष्य में यहां का जलस्तर कितना बढ़ सकता है।
बाढ़ का खतरा
जानकारी के मुताबिक, अध्ययन से आगाह किया गया है कि Visakhapatnam पर डूबने का खतरा मंडरा रहा है। इसकी बड़ी वजह शहर का तेजी से फैलना, समंदर के किनारे मौजूद बंदरगाह और नीचे के इलाकों में बाढ़ का खतरा और जमीन के धंसने का डर है। Global Warming
कारण
मिली जानकारी के अनुसार, एक्सपर्ट्स ने अध्ययन में बताया है कि समंदर का जलस्तर बढ़ने के पीछे दुनियाभर के कारण हैं। जैसे समुद्र का पानी गर्म होना, कई देशों के ग्लेशियर की जमी बर्फ तेजी पिघलना और बंगाल की खाड़ी का मौसम बार-बार बदलना।
अत्यधिक दोहन
जानकारी के मुताबिक, इसके अलावा शहर के कुछ भागों में समंदर का जलस्तर कुछ स्थानीय वजहों से भी बढ़ रहा है। जैसे अंडरग्राउंड वॉटर का अत्यधिक दोहन होना, जो जमीन धंसने की बड़ी वजह बन चुका है। Global Warming
समंदर बढ़ेगा
मिली जानकारी के अनुसार, इस अध्ययन के डायनामिक वल्नरेबिलिटी इंडेक्स के अनुसार, 2021-2030 से लेकर 2091-2100 तक Visakhapatnam के तटीय इलाकों में समंदर के जलस्तर बढ़ने का खतरा लगातार बढ़ता रहेगा।













