सरकारी कर्मचारियों द्वारा आचार संहिता का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश

Published On: April 24, 2026
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चंडीगढ़, 24 अप्रैल- हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 13 अप्रैल 2026 को सामान्य चुनावों के संचालन हेतु चुनाव कार्यक्रम जारी किया जा चुका है। 22 अप्रैल 2026 को राजनीतिक दलों के साथ आयोजित बैठक के दौरान आयोग के संज्ञान में यह बात लाई गई कि कुछ स्थानों पर सरकारी कर्मचारी खुले तौर पर राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेकर किसी विशेष प्रत्याशी का पक्ष ले रहे हैं, जो हरियाणा सिविल सेवा (सरकारी कर्मचारी आचरण) नियम, 2016 के नियम 09 का उल्लंघन है तथा मॉडल आचार संहिता के भी विरुद्ध है।

सरकारी कर्मचारियों के लिए आचार संहिता के स्पष्ट निर्देश

प्रवक्ता ने बताया कि कोई भी सरकारी कर्मचारी किसी भी उम्मीदवार के पक्ष में किसी प्रकार की सहायता, समर्थन या भागीदारी नहीं करेगा। उम्मीदवारों द्वारा आयोजित जनसभाओं में सरकारी कर्मचारियों की उपस्थिति केवल उन्हीं परिस्थितियों में स्वीकार्य होगी, जब सभा सार्वजनिक हो, विधिसम्मत अनुमति के साथ आयोजित हो तथा संबंधित कर्मचारी उसमें किसी प्रकार की सक्रिय या प्रमुख भूमिका न निभाए। किसी विशेष उम्मीदवार की सभाओं में बार-बार उपस्थिति भी पक्षधरता का संकेत मानी जाएगी और इसे आचार संहिता का उल्लंघन माना जा सकता है।

निजी कार्यक्रमों में उपस्थिति पर भी रोक

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उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रचार के दौरान यदि कोई मंत्री किसी निजी निवास पर जाता है, तो सरकारी कर्मचारी उस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार से अनुरोध किया गया है कि सभी विभागों, बोर्डों एवं निगमों को आवश्यक निर्देश जारी कर इन प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। यदि कोई सरकारी कर्मचारी राजनीतिक गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 ‘नो ड्यूज’ प्रमाण पत्र के लिए सिंगल विंडो प्रणाली लागू

प्रवक्ता ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि चुनाव प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में आयोग द्वारा ‘नो ड्यूज’ प्रमाण पत्र जारी करने के लिए सिंगल विंडो प्रणाली लागू की गई है। इस नई व्यवस्था के तहत उम्मीदवारों को विभिन्न विभागों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सभी संबंधित विभागों की बकाया जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी।

सभी विभागों की जानकारी एक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध

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इस प्रणाली के जरिए शहरी स्थानीय निकायों से संपत्ति कर एवं अन्य शुल्क, विद्युत वितरण निगमों से बिजली बिलों की स्थिति, पंचायती राज संस्थाओं से संबंधित देनदारियां तथा हाउसिंग बोर्ड एवं अन्य प्राधिकरणों से जुड़े बकाया की जांच सुगमता से की जा सकेगी।

समयबद्ध सेवा और पारदर्शिता पर जोर

उन्होंने बताया कि प्रचलित चुनाव कानूनों के अनुसार यदि किसी उम्मीदवार पर सरकार या स्थानीय निकायों का बकाया होता है, तो वह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माना जाता है। सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से ‘नो ड्यूज’ प्रमाण पत्र समयबद्ध रूप से जारी किए जा सकेंगे, जिससे उम्मीदवारों को समान अवसर मिलेगा और प्रशासनिक देरी के कारण किसी की उम्मीदवारी प्रभावित नहीं होगी। उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से इस पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं, जिसमें ई-डैशबोर्ड की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे आवेदन की स्थिति का रियल-टाइम ट्रैक किया जा सकेगा।

देरी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

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प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि यदि कोई अधिकारी ‘नो ड्यूज’ प्रमाण पत्र जारी करने में जानबूझकर देरी करता है, तो इसे चुनावी निर्देशों का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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