चंडीगढ़, 25 अप्रैल- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में अगले सप्ताह से सभी किसानों को व्हाट्सएप के माध्यम से क्यूआर कोड आधारित जे-फॉर्म भेजे जाएंगे, ताकि किसानों को ऋण सहित अन्य प्रकार की सुविधा लेने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी शनिवार को हरियाणा निवास चंडीगढ़ में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले सीजन से किसान एप भी लॉन्च किया जाएगा, जिसमें किसानों को जे-फॉर्म, भुगतान की स्थिति, भूमि बुवाई एवं उपज सत्यापन की स्थिति, गेट पास शेड्यूलिंग (अगली सरसों फसल से प्रारंभ), भूमि सत्यापन की स्थिति तथा सभी सूचनाएं ‘किसान ई-खरीद एप’ में उपलब्ध होंगी। जिससे खरीद कार्य में किसी प्रकार की देरी नहीं होगी।
उन्होंने इस दौरान प्रदेश में अब तक हुई गेहूं खरीद का ब्यौरा देते हुए कहा कि रबी सीजन 2026-27 में प्रदेश की मंडियों में गेहूं की बंपर आवक हुई है। इसने पिछले चार साल के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सरकार ने खरीद प्रबंधों को लेकर पुख्ता इंतजाम किए, जिसके चलते प्रदेश में गेहूं खरीद का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है और किसानों को समय पर भुगतान भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक प्रदेश की मंडियों में 21 हजार 44 करोड़ रुपये मूल्य की 81 लाख 48 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज की जा चुकी है, जो पिछले 4 वर्षों में सर्वाधिक है। अकेले 11 अप्रैल को एक ही दिन में 7 लाख 71 हजार मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड आवक हुई।
उन्होंने कहा कि अब तक 5 लाख 80 हजार किसान अपनी उपज लेकर मंडियों में पहुंच चुके हैं। हर किसान की पहचान डिजिटल गेट पास के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही 79 लाख 14 हजार मीट्रिक टन गेहूं का बायोमेट्रिक सत्यापन हो चुका है, जो लगभग 97 प्रतिशत है। प्रदेश का किसान तकनीक को तेजी से अपना रहा है और पारदर्शी व्यवस्था पर भरोसा जता रहा है। प्रदेश की मंडियों में 70 लाख 23 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद पूरी हो चुकी है, साथ ही प्रदेश की मंडियों से 34 लाख 56 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उठान हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 18 अप्रैल से उठान प्रक्रिया में और तेजी आई है। प्रतिदिन साढ़े 3 लाख मीट्रिक टन का उठान हो रहा है। पिछले वर्ष से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि रबी सत्र 2025-26 में जहां कुल 72 लाख 89 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी। वहीं, इस वर्ष अब तक 81 लाख 48 हजार मीट्रिक टन की आवक हो चुकी है।







