चंडीगढ़, 24 अप्रैल — हरियाणा सरकार द्वारा भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस नीति अपनाते हुए वित्तीय घोटाले के मामले में हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद, पंचकूला के मुख्य लेखा अधिकारी रणधीर सिंह को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2)(b) के तहत की गई है।
सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा एक मामले में रणधीर सिंह को 14 मार्च, 2026 को गिरफ्तार किया गया था। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) तथा भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। जांच में सरकारी धन के दुरुपयोग, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं।
जांच में खुलासा हुआ है कि यह मामला एक सुनियोजित और बहु-स्तरीय वित्तीय घोटाले से जुड़ा है, जिसमें सरकारी प्रक्रियाओं में हेरफेर कर फर्जी बैंकिंग लेन-देन के माध्यम से सरकारी धन को आरोपी एवं उनके सहयोगियों से जुड़ी संस्थाओं और खातों में स्थानांतरित किया गया। इस घोटाले से राज्य को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है।
मामले में गिरफ्तार सह-आरोपियों के बयानों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), डिजिटल एवं दस्तावेजी साक्ष्यों से यह पता लगा कि रणधीर सिंह ने बैंक अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर इस साजिश में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त, वित्त विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अवहेलना करते हुए संबंधित बैंक खातों की जानकारी छिपाई गई, जो गंभीर प्रशासनिक लापरवाही और वित्तीय अनुशासन के उल्लंघन को दर्शाता है।
प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी विस्तृत जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपों की गंभीरता का संज्ञान लेते हुए रणधीर सिंह को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2)(b) के तहत सेवा से बर्खास्त किया गया है।









